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रोज एक केस निपटाएं तब भी लगेंगे 22 साल, बढ़ते केस के बोझ तले दबे हाई कोर्ट

देश की कुल 25 हाई कोर्ट में लगभग 63 लाख से ज्यादा केस पेंडिंग हैं। इन केसों को निपटाने के लिए जितने जजों के पद स्वीकृत हैं, उसमें से 30 प्रतिशत खाली हैं।

ai generated image of court cases in high court

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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देश की हर अदालत में कई केस दशकों तक चलते रहते हैं। अभिनेता सनी देओल का फिल्मी डायलॉग 'तारीख पर तारीख' हमेशा चर्चा में रहता है क्योंकि जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में चलने वाले मुकदमे सालों साल चलते रहते हैं। अदालतों में मुकदमे ज्यादा हैं और उन्हें निपटाने के लिए जरूरी जजों की संख्या कम है। अब इसका ताजा उदाहरण संसद में मिले एक जवाब में देखने को मिला है। देश में मौजूद कुल 25 हाई कोर्ट में जजों के 30 प्रतिशत पद खाली हैं। इसका असर यह है कि अभी जितने जज मौजूद हैं अगर वे रोज एक केस खत्म कर दें तो पेंडिंग केस निपटाने में ही उन्हें 22 साल का समय लग जाएगा। 

 

भारतीय न्याय व्यवस्था में जिला या सत्र न्यायालयों या अन्य निचली अदालतों के फैसलों को अलग-अलग राज्य की हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। इसी के लिए लगभग हर राज्य के पास एक हाई कोर्ट है। कुछ राज्य ऐसे भी हैं जो किसी दूसरे राज्य की हाई कोर्ट को साझा करते हैं। हाई कोर्ट के फैसलों को ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाती है। अब ये आंकड़े सामने आए हैं कि देश की इन 25 हाई कोर्ट में कुल 64 लाख से ज्यादा केस पेंडिंग हैं।

 

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अदालतों में कितने पद खाली हैं?

राज्यसभा सांसद और मंत्री संजय सेठ के एक सवाल के जवाब में कानून मंत्रालय ने जवाब दिया है। इस जवाब के मुताबिक, देश की 25 हाई कोर्ट को मिलाकर 1 जुलाई 2026 तक जजों के कुल 1122 पद मंजूर थे। इसमें से 341 पद खाली थे। यानी लगभग 30 प्रतिशत पद खाली थे। खुद कानून मंत्रालय ने भी अपने इस जवाब में माना है कि जजों की संख्या पर्याप्त न होने के चलते पेंडिंग केस की संख्या बढ़ती जाती है।

 

vacant judges posts in high courts

 

इसी तरह देश के राज्यों में मौजूदा जिला और निचली अदालतों में कुल 30868 पद मंजूर थे जिसमें से 7311 पद खाली थे। कानून मंत्रालय ने माना है कि जजों के अलावा न्यायिक अधिकारियों की कमी, जांच की खराब गुणवत्ता, गवाहों और सपोर्टिंग मैटेरियल, कोर्ट स्टाफ की कमी और कई अन्य चीजों के चलते केस पेंडिंग रहते हैं।

कितने केस पेंडिंग हैं?

देश की कुल 25 हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को मिलाकर कुल 64,72,536 केस पेडिंग हैं। इसमें 80,660 केस ऐसे हैं जो 30 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग हैं। 4,52,152 केस 20 साल से ज्यादा समय से, 16,14,457 केस 10 साल से ज्यादा समय से और 29,75,161 केस 5 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग हैं।

 

यह भी पढ़ें: नीचे से ऊपर तक, अदालतों में 5.42 करोड़ केस पेंडिंग; क्यों मिलती है इतनी तारीख?

 

pending cases in high courts and supreme courts

 

अगर हम सिर्फ हाई कोर्ट में पेंडिंग पड़े मामले देखें तो ये 63,76,512 हैं। हाई कोर्ट में अभी सिर्फ 781 जज कार्यरत हैं। अब अगर इतने ही जज रोज एक केस निपटाएं तब भी सिर्फ पेंडिंग केस को निपटाने में कम से कम 22 साल लग जाएंगे। वह भी तब जब सारे केस एक ही दिन में खत्म हो जाएं और ये जज साल भर में एक भी दिन की छुट्टी न लें। अगर छुट्टियों का समय जोड़ दें तो इतने ही केस निपटाने में लगभग 30 साल का समय लग सकता है। उस पर नए केस भी आते रहेंगे और उन्हें संभालने के लिए अतिरिक्त जजों की आवश्यकता होगी।
 

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