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देश में 1,211 फूड सेफ्टी ऑफिसर पद खाली, फिर FSSAI कैसे कर रही खाने की निगरानी?

FSSAI के 4,208 फूड सेफ्टी ऑफिसर पदों में से 1,211 पद खाली हैं। ऐसे में सवाल है कि इतने पद खाली हैं तो FSSAI पैकेज्ड फूड और रेस्टोरेंट के खाने की निगरानी कैसे करता है?

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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भारत जैसे बड़े देश में बाजार से लेकर रेस्टोरेंट तक खाने की क्वालिटी और सुरक्षा पर नजर रखना आसान काम नहीं है। पैकेज्ड फूड, होटल-रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने और स्थानीय बाजारों में बिकने वाली खाद्य सामग्री की समय-समय पर जांच करना जरूरी है। लेकिन जिस सिस्टम पर खाने की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसमें ही बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। लोकसभा में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से दिए गए लिखित जवाब के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) के कुल 4,208 पद मंजूर हैं। इनमें से 1,211 पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब इतने पद खाली हैं तो भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) पैकेज्ड फूड और होटल-रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने की निगरानी कैसे करता है?

 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, जमीनी स्तर पर अधिकारियों की इस कमी के बावजूद FSSAI खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए तकनीक, तीन-स्तरीय निगरानी प्रणाली और रिस्क-बेस्ड मॉडल का सहारा ले रहा है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत केंद्र सरकार मानक तय करती है, जबकि इन नियमों को धरातल पर लागू कराने और प्रवर्तन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है।

 

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क्या है रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम और कैसे करता है काम?

अधिकारियों की कमी को देखते हुए FSSAI ने कंप्यूटर की मदद से एक ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें जोखिम के आधार पर जांच की जाती है। इसके तहत हर दुकान या संस्थान की बार-बार सामान्य जांच करने के बजाय उसके खाद्य कारोबार में जोखिम कितना है और पहले उसका रिकॉर्ड कैसा रहा है, इसे देखकर जांच की जरूरत और कितनी बार जांच होगी, यह तय किया जाता है।

 

जो कारोबारी नियमों का सही तरीके से पालन करते हैं उन्हें बार-बार होने वाली अनावश्यक जांच से राहत मिलती है। वहीं, नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले और ज्यादा जोखिम वाले कारोबार पर कड़ी नजर रखी जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इस सिस्टम के तहत 56 हजार से ज्यादा निरीक्षण किए गए हैं।

 

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इस व्यवस्था के तहत देशभर में 2022-23 में 11,904, 2023-24 में 18,098 और 2024-25 में 26,267 रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम के आधार पर निरीक्षण किए गए। इसके अलावा, केंद्र से लाइसेंस पाने वाले सभी निर्माताओं के लिए साल में एक बार FSSAI की सूची में शामिल स्वतंत्र एजेंसियों से थर्ड-पार्टी ऑडिट कराना जरूरी कर दिया गया है।

252 लैब और 305 मोबाइल यूनिट से जांच

खाने-पीने की चीजों की शुद्धता जांचने का काम सिर्फ कंपनियों की अपनी टेस्टिंग पर निर्भर नहीं है। FSSAI ने खाद्य पदार्थों के सैंपल की सही जांच के लिए 252 फूड टेस्टिंग लैब्स को मान्यता दी है। वहीं, किसी मामले में विवाद होने पर जांच के लिए 24 रेफरल फूड लैब्स भी हैं। इसके अलावा, 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 305 फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स यानी मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात की गई हैं। ये वैन बाजारों में पहुंचकर मौके पर ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करती हैं।

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