इंडिया गठबंधन ने एक नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली में वर्षों बाद अपना शक्ति प्रदर्शन किया। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में कांग्रेस के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा पार्टियां शामिल हुई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष में विपक्ष के नेता हैं।
इसके अलावा रैली में समाजवादी पार्टी, वामदलों से सीपीआई, सीपीआई-एम, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल सहित कई दल शामिल हो रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता
राहुल गांधी
ने सभी दलों के नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संविधान किसी भी दल और नेता से बड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से इस देश में चोरी हो रही है। राहुल गांधी ने कहा कि साल 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था।
यह भी पढ़ें: 'कुछ लोग भारत की तुलना बांग्लादेश से कर रहे', विपक्ष पर भड़के चिराग पासवान
इससे पहले कनॉट प्लेस से शुरू होने वाले मिंटो रोड से लेकर रामलीला मैदान तक 1.5 किलोमीटर तक सिर्फ विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता ही नजर आए। रामलीला मैदान जाने वाले रास्ते में विपक्ष के कार्यकर्ता तो जरूर थे, लेकिन इसमें सबसे अधिक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के झंडे और कार्यकर्ता दिखे।
पूरा मिंटो रोड सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से पटा पड़ा था। रामलीला मैदान पर बोलते हुए
अखिलेश यादव
ने कहा कि यूपी वाले विदाई बढ़िया करते हैं।
'पांच लाख लोग शामिल'
कांग्रेस ने रैली से पहले दावा किया था कि इसमें दस लाख लोग शामिल होंगे। मगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि आज की रैली में पांच लाख लोग शामिल हुए हैं। विपक्ष ने रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफा की मांग की। विपक्ष की मांग है कि देश में एसआईआर पर तुंरत रोक लगना चाहिए और चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए।
यह भी पढ़ें: 1 नवंबर को ही क्यों 8 राज्यों का स्थापना दिवस? जानिए गठन की कहानी
कांग्रेस-सपा के कार्यकर्ता सबसे अधिक
रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने दिल्ली और आसपास के राज्यों- उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से लोगों को आमंत्रित किया है। हालांकि, रैली में राष्ट्रीय जनता दल और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में नजर आए।
आज की रामलीला मैदान में हो रही वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में आई भीड़ विपक्ष में नई जान फूंकने का काम करेगी क्योंकि इसमें जिस प्रकार से कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोग शामिल होने आए हैं, उससे पार्टियों का मनोबल जरूर बढ़ेगा।