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5 स्टार होटल के सैलून ने खराब बाल काटे, मॉडल को 25 लाख रुपये देने पड़े

करीब आठ साल की कानूनी लड़ाई के बाद एक मॉडल को 25 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। हालांकि मॉडल ने 2 करोड़ रुपये का दावा किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे घटाकर 25 लाख कर दिया।

ITC Maurya Case

प्रतीकात्मक फोटो। (AI Generated Image)

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खराब हेयरकट पर आईटीसी मौर्या होटल को 25 लाख रुपये चुकाने पड़े। मॉडल और अभिनेत्री आशना रॉय और आईटीसी मौर्या के बीच 2018 से खराब हेयरकट का विवाद चल रहा था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आईटीसी मौर्या को 25 लाख रुपये आशना रॉय को देने का आदेश दिया। आशना राय ने हेयरकट खराब करने के बदले में 2 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। हालांकि ठोस सबूत के अभाव में अदालत ने यह मांग ठुकरा दी।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशना रॉय ने सबसे पहले राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पास शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया कि होटल के सैलून में उनके बालों को सही ढंग से नहीं काटा गया। इस कारण उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में नुकसान उठाना पड़ा। अपने फैसले में आयोग ने दो करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया और सैलून को सेवा में कमी का जिम्मेदार ठहराया। मगर आईटीसी मौर्या होटल ने सुप्रीम कोर्ट में आयोग के फैसले को चुनौती दी।

 

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दोबारा आयोग पहुंचा मामला तो क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा राशि पर आपत्ति जताई। आयोग को दोबारा विचार करने का निर्देश दिया। जब मामला आयोग के पास पहुंचा तो इस बार आशना रॉय ने 5.2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग कर दी। अतिरिक्त दस्तावेज के आधार पर उपभोक्ता आयोग ने दूसरी बार ब्याज समेत 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया। 

'दो करोड़ का मुआवजा उचित नहीं'

आईटीसी ने आयोग के दूसरे फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और मनमोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने कहा, 'हमारे विचार में आयोग ने 2 करोड़ रुपये का मुआवजे देने में गलती की है। यह हमारे विचार में उचित नहीं है।'

 

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पीठ ने आगे कहा, 'रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर रॉय को इतनी बड़ी क्षतिपूर्ति देने का कोई आधार नहीं बनता। मुआवजा सिर्फ शिकायतकर्ता की अटकलों या मनगढ़ंत बातों के आधार पर नहीं दिया जा सकता। मुआवजे का आधार साबित करने के लिए कुछ विश्वसनीय और ठोस सबूत सौंपने चाहिए।' इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आईटीसी मौर्या को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।  


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