केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में 53 योजनाओं पर बजट राशि का 40 फीसद से थोड़ा ही अधिक खर्च किया है। इन योजनाओं का अनुमानित बजट (BE) 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि इसे संशोधित अनुमान (RE) में 3.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। यह बजट आवंटन का 74.4 फीसद था। 31 दिसंबर तक तीन तिमाहियों में कुल दो लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जारी की गई। यह बजट आवंटन का सिर्फ 41.2 फीसद है।
छह योजनाओं पर केंद्र का संशोधित अनुमान (RE) बजट अनुमान (BE) से 40 फीसद कम है। चार योजनाओं पर अनुमानित बजट अनुमान का 40% से 50% है। 12 योजनाओं पर ही बजट राशि का 75% से 90% फीसद खर्च किया गया। 10 योजनाओं पर 90 से 100% और 6 योजनाओं पर बजट अनुमान से भी अधिक की राशि खर्च की गई।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन 53 योजनाओं का बजट अनुमान 500 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। उम्मीद है कि वित्त वर्ष के आखिरी तक इन योजनाओं पर 75 फीसद से अधिक की राशि खर्च हो जाएगी।
इन योजनाओं पर संशोधित अनुमान बजट के बराबर
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
- अनुसूचित जाति व अन्य के पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं
- इन 3 योजनाओं का संशोधित अनुमान बजट से ज्यादा
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा)
- अनुसूचित जनजाति के स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति
- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
47 योजनाओं का फंड केंद्र सरकार ने बजट अनुमान से आई में कर कर दिया। सबसे अधिक कमी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में देखने को मिली। बजट में 850 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। संशोधित अनुमान में इसे 150 करोड़ रुपये कर दिया गया।
केंद्र सरकार ने छह योजनाओं को जितना फंड बजट में आवंटित किया था, संशोधित अनुमान में यह धनराशि 40 फीसद तक कम कर दी गई। वहीं अब तक इन योजनाओं के लिए जारी धनराशि बजट आवंटन के 10 फीसद से भी कम है।
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इन्हें मिली बजट से 10 फीसद से भी कम राशि
- पीएमकेएसवाई-कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट
- पीएम ई-बस सेवा
- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान
- जल जीवन मिशन/राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन
- प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कम्प्यूटरीकरण
- पीएमएवाई शहरी योजना