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महाराष्ट्र में स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक क्यों? वजहें समझिए

राहुल कौल और वरुण सरदेसाई जैसे विधायकों ने अपील की थी कि ये कोल्ड ड्रिंक, बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। पढ़ें रिपोर्ट।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। AI इमेज। Photo Credit: ChatGPT

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महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक और इस तरह के अन्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की शुक्रवार को घोषणा की है। एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कुछ ऐसे तत्वों को लेकर चिंता जताई गई है, जिन्हें बच्चों के लिए उचित नहीं माना जाता। विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विक्रम पाचपुते ने विधानसभा में सवाल पूछा था, जिसके जवाब में सरकार ने इस फैसले का जिक्र किया है। 

फूड एंड ड्रग एडमिस्ट्रेशन (FDA) मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि यह निर्णय स्कूली बच्चों पर एनर्जी ड्रिंक के प्रभाव को लेकर व्यक्त की गईं चिंताओं के कारण लिया गया है। मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा है कि इस प्रतिबंध को लागू करने के लिए एफडीए को निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों से भी कहा गया है कि वे छात्रों को एनर्जी ड्रिंक पीने से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।

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सेहत पर एनर्जी ड्रिंक का क्या असर होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर एनर्जी ड्रिंक में कैफीन और चीनी की मात्रा अधिक होती है। 

अगर स्कूलों के पास बिका एनर्जी ड्रिंक तो क्या होगा?

नरहरि झिरवाल ने कहा, 'स्कूलों के आसपास 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक की बिक्री को लेकर माननीय सदस्य द्वारा व्यक्त की गई चिंता कुछ हद तक सही है। अगर किसी स्कूल परिसर के 500 मीटर के दायरे में ऐसे एनर्जी ड्रिंक या किसी नशीले पदार्थ की बिक्री होने का पता चला, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।'

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क्या महाराष्ट्र सरकार नियम बनाएगी?

विधायक विक्रम पाचपुते ने यह सवाल भी किया कि क्या सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक लगाने का नियम बनाएगी। चर्चा के दौरान विधायकों राहुल कुल और वरुण सरदेसाई ने सरकार से बच्चों तक ऐसे पेय पदार्थों की आसान उपलब्धता रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की। इस पर मंत्री नरहरि झिरवाल ने कहा कि सरकार स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान को और मजबूत करेगी तथा प्रस्तावित प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू भी कराएगी।

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