राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों ने जबरदस्त प्रहार किया था। लाठीचार्ज में घायल हुए तमाम प्रदर्शनकारी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे ही एक घायल ने अब बताा है कि रैपिड ऐक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान ने फायरिंग की और कई छर्रे उसकी आंख में भी लगे। अब इस शख्स की सर्जरी हो चुकी है और वह धीरे-धीरे रिकवर कर रहा है। इसी शख्स को लेकर दावा किया जा रहा है कि उस पर पैलेट गन चलाई गई। दिल्ली पुलिस ने इस दावे को गलत बताया है लेकिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया था। अब खुद इस शख्स ने पैलेट गन जैसे हथियार से फायरिंग किए जाने की बात कही है।
इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने 25 साल के इरशाद शेख से बातचीत के आधार पर खबर लिखी है। लेडी हार्डिंग अस्पताल के ENT वार्ड में एडमिट इरशाद शेख उन प्रदर्शनकारियों में शामिल हैं जो सोमवार को घायल गए थे। अस्पताल में ही स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने तमाम प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ इरशाद से भी मुलाकात की थी। MBA ग्रेजुएट इरशाद शेख गुरुग्राम में नौकरी करते हैं और सोमवार को वह भी प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
पैलेट गन पर चुप्पी
बता दें कि RAF को CRPF के जवानों को लेकर ही बनाया गया था। सोमवार को दिल्ली पुलिस के साथ मौजूद RAF के जवानों भीड़ को रोकने के काम में लगे हुए थे। उसी वक्त भीड़ उग्र हुई तो पुलिस और RAF ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और कई प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह पीटा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पैलेट गन से जुड़े सवाल पर हेडी हार्डिंग अस्पताल की डायरेक्टर हिमानी अहलूवालिया ने भी कोई जवाब नहीं दिया।
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वहीं, अन्य अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की चोट का कारण हो सकता है कि छोटी-छोटी चीजें बहुत तेजी से मारी गई हैं। उनका कहना है कि इसकी वैज्ञानिक जांच के बाद ही कहा जा सकता है कि ये पैलेट गन के हैं या नहीं है। वहीं, इस बारे में खुद इरशाद शेख कहते हैं, 'मैं सुबह 9 से 11 बजे तक केरल भवन के पास धरना स्थल के करीब था। 12:30 से 3:30 तक मेरी एक मीटिंग थी तो मीटिंग करने के बाद मैं फिर से वहां आया। मैं प्रदर्शनकारियों के साथ चल ही रहा था कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। हम थोड़ा पीछे हटे तभी पुलिस आंसू गैस के गोले दागने लगी। मेरी आंखें जलने लगीं और एक मिनट तक को पूरा ब्लैकआउट हो गया। जब हम पीछे हटे तो पुलिस ने रास्ता रोक रखा था। हम रुक गए और पुलिस से कहा कि हमें मत मारें।'
घायल शख्स ने क्या बताया?
इरशाद ने आगे कहा, 'इतने में RAF का एक जवान मेरे सामने आया। उसके पास एक बंदूक थी। उसने बंदूक दिखाई तो मुझे लगा कि सिर्फ डरा रहा है लेकिन मुझे अंदाजा नहीं था कि वह चला भी देगा। चारों तरफ शोर था, लाठियां भांजी जा रही थीं। इसी बीच उस वर्दी वाले जवान ने बंदूक मेरी ओर की और फायर कर दिया। कई छर्रे मुझे लगे। पहले मुझे कुछ गंध आई थी फिर मेरी आंख पर लगा। कई छर्रे मेरी दाहिनी आंख, गाल और नाक में घुस गए थे। मेरे गले, ठोड़ी, छाती और कंधे पर भी छर्रे लगे। मैंने अपने चेहर पर हाथ रखा तो हर जगह से खून बह रहा था। आपको मेरे वीडियो मिल जाएंगे जिसमें मैं खून से सना हुआ हूं। लोगों ने कपड़े से मेरा चेहरा ढका और बाहर ले गए।'
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इरशाद ने यह भी बताया कि अस्पताल में उन्हें बताया गया कि कोई सर्जन मौजूद नहीं है इसलिए अगले दिन तक इंतजार करना होगा। आखिर में मंगलवार को दोपहर में सर्जरी हुई। इरशाद के मुताबिक, उन्हें यह भी बताया गया कि एक छर्रा उनकी आंख को संभालने वाली मांसपेशियों के पास धंस गया था और अगर वह वहीं रहता तो उनके आंख का घूमना बंद हो जाता। इरशाद से मिले जेपी नड्डा ने भी उन्हें मदद का भरोसा दिलाया है। इरशाद का कहना है कि सरकार उन्हें मुआवजा दे।
पैलेट गन पर उठ रहे सवाल
दरअसल, पूर्व में जम्मू-कश्मीर और मणिपुर जैसे क्षेत्रों में पैलेट गन चलाए जाने को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। इसकी गोली लगने से कई लोगों के चेहरे और आंखें भी खराब हुई हैं। हालांकि, दिल्ली में हुए संसद मार्च के दौरान पैलेट गन इस्तेमाल करने को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस ने इसके इस्तेमाल से इनकार किया है लेकिन केंद्रीय बलों की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है।