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मोदी कैबिनेट का जल्द विस्तार, नए चेहरों को मौका, कुछ पर गाज, किनकी बढ़ी चिंता?

मोदी सरकार में कुछ सीनियर मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। क्या अटकलें हैं, आइए जानते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी। AI एडिट। Photo Credit: ChatGPT

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भारतीय जनता पार्टी, केंद्रीय कैबिनेट के स्तर पर कई बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कई कद्दावर नेताओं का मंत्रालय बदलने वाला है, वहीं कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी, 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कुछ चौंकाने वाले चेहरों को मौके दे सकती है। पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक कुछ नए सांसदों को बड़ा मौका मिल सकता है। 2 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष ने तीन घंटे लंबी महत्वपूर्ण बैठक की है। नई टीम का पूरा खाका तैयार हो चुका है। 

बीजेपी की नई टीम नितिन नवीन के नेतृत्व में बन रही है। पार्टी 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों को भी इसी कैबिनेट फेरबदल से साधने की कोशिश कर रही है। नितिन नवीन और पीएम मोदी की नई टीम में युवा और नए चेहरों को मौका मिलेगा। अनुभवी नेताओं के साथ मिलेनियल पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को भी जगह दी जाएगी। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों, महासचिवों, सचिवों और केंद्रीय मीडिया टीम के पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं। मंत्रिमंडल में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल सकता है। 

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किन चेहरों को बड़ा मौका मिल सकता है?

RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल दोनों वित्त मंत्रालय के प्रबल दावेदार हैं। अनुराग ठाकुर के पास 2024 में मंत्रिमंडल गठन के बाद से ही मोदी कैबिनेट का हिस्सा नहीं हैं। उनकी कैबिनेट में जोरदार वापसी हो सकती है। उनके पास वित्त, खेल और सूचना प्रसारण मंत्रालय का अनुभव है।

पंजाब से तरुण चुघ को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आए राघव चड्ढा को पंजाब का प्रतिनिधित्व देते हुए कैबिनेट में जगह मिल सकती है। 

स्मृति ईरानी लगातार पार्टी और संगठन में सक्रिय हैं। वह साल 2019 में राहुल गांधी को उनके गढ़ में हरा चुकी हैं। 2024 में अमेठी से हारने के बाद उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक अब दोबारा वापसी तय मानी जा रही है।

 

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सहयोगी दलों को क्या मिल सकता है?

शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की बढ़ती ताकत को देखते हुए श्रीकांत शिंदे या उनके समर्थित नेता को कैबिनेट बर्थ मिलने की संभावना है। नीतीश कुमार को केंद्र में बड़ी भूमिका मिल सकती है या उनके आदेश पर नए मंत्रियों को जगह मिल सकती है। संजय दिना पाटिल को स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए जाने पर चर्चा है। 

किन मंत्रियों की बढ़ी है चिंता?

निर्मला सीतरमण लगातार 9 बार बजट पेश कर चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक उनका मंत्रालय बदला जा सकता है। उन्हें शिक्षा मंत्रालय मिल सकता है।

धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आम लोगों का गुस्सा सबसे ज्यादा है। उनका भी विभाग बदला जा सकता है।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे मंत्रियों की कैबिनेट से विदाई हो सकती है। उन्हें राज्य स्तरीय संगठन संभालने की जिम्मेदारी बीजेपी दे सकती है। 

गिरिराज सिंह लगातार केंद्रीय मंत्री हैं रहे हैं लेकिन पार्टी अब उनकी छुट्टी कर सकती है या विभाग बदल सकती है।

रवनीत सिंह बिट्टू की भी भूमिका बदल सकती है। पंजाब चुनावों की वजह से उन्हें वहीं बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, जिसके बाद से इनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा 


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