मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक
ने अपनी भूख हड़ताल से जुड़ा एक अहम खुलासा किया है। अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो को कांग्रेस की ओर से ट्रोल किए जाने पर सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह तो चाहती थीं कि
राहुल गांधी
आकर अनशन खत्म कराएं। सोनम वांगचुक ने बताया है कि गीतांजलि ने इसके लिए संपर्क भी किया था लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में अनशन खत्म करने वाले सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की मौजूदगी में अनशन खत्म करना चाहते थे लेकिन उनके साथ धोखा किया गया। सोनम वांगचुक चाहते थे कि वह खुद फोटो शेयर करना चाहते थे और मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा इस पर सहमत भी थे लेकिन उन्होंने वादा तोड़ दिया। नेताओं की बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा है कि उनका इन सभी नेताओं पर से भरोसा उठ गया है।
इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई को दिए एक इंटरव्यू में सोनम वांगचुक ने कई अहम बातें बताई हैं। गीतांजलि आंग्मो के पुराने ट्वीट निकालकर उनको ट्रोल किए जाने और उनको बीजेपी का समर्थक बताने पर भी सोनम वांगचुक ने जवाब दिया है। सोनम वांगचुक ने यह भी कहा है कि अगर उनको डील ही करनी होती तो तब ही सरकार से डील कर सकते थे जब उन्हें जेल से रिहा किया था। खुद पर नेशनल सिक्योरिटी ऐक्ट (NSA) लगाए जाने और फिर रिहा किए जाने के चलते 'डीप स्टेट' का हिस्सा बनाए जाने के मुद्दे पर सोनम वांगचुक ने कहा है कि उनके खिलाफ इतनी कंस्पीरेसी थ्योरी हैं कि वह खुद भूल चुके हैं।
राहुल गांधी पर क्या बोले सोनम वांगचुक?
दरअसल, जब राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के बजाय प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दिया था। इसके बाद गीतांजलि आंग्मो ने राहुल गांधी पर सवाल उठाए थे। इसके चलते कांग्रेस समर्थकों ने उन्हें ट्रोल किया था और उनके पुराने बयान वायरल किए गए थे। इसके बारे में सोनम वांगचुक ने कहा है, 'गीतांजलि ने जब ये कमेंट किए थे तो वह मेरी निराशा के चलते परेशान थीं। मैं बहुत कुछ तो नहीं कहूंगा लेकिन यह बात सही है कि हम चाहते थे कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मेरा अनशन तुड़वाएं। गीतांजलि इसके लिए कोशिश कर रही थीं। वह राहुल जी के खिलाफ नहीं थीं।'
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सोनम वांगचुक ने आगे कहा है, 'वह बहुत कोशिश कर रही थीं लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसी निराशा में उन्होंने एक कमेंट कर दिया। इससे पहले उन्होंने बीजेपी पर कई सख्त कमेंट किए थे लेकिन एक कमेंट राहुल गांधी पर करते हुए ट्रोलिंग की जाने लगी।'
मंत्रियों के हाथ से अनशन तोड़ने पर क्या बोले सोनम वांगचुक?
अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अनशन खत्म करने के मामले पर सोनम वांगचुक ने कहा है, 'मैं सभी पार्टियों के नेताओं से थोड़ा नाराज हूं। लद्दाख में इसे जीत माना जाता है कि आप जिस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हों वही अपने वरिष्ठ प्रतिनिधि को भेजे कि वह आपकी मांग मान रही है। इसे जीत माना जाता है। मेरे पिता जब अनशन पर थे तब भी ऐसा ही हुआ था।'
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उन्होंने आगे कहा, 'मैंने जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह के सामने एक शर्त रखी थी। मेरा कहना था कि मैं आपकी बात मानने और जूस पीने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं चाहता हूं कि दूसरी पार्टियों के नेता और छात्र नेता भी मौजूद हों। उन्होंने धोखा किया और रात में ही आ गए। फिर मैंने दूसरी शर्त रखी। मैंने कहा कि मैं अनशन तोड़ दूंगा लेकिन इसकी खबर मैं अपनी शर्तों पर ब्रेक करूंगा। मैं विपक्ष के नेताओं की तस्वीर के साथ तस्वीर पोस्ट करूंगा। मैंने आईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी को कहा कि आप इसके गवाह हैं कि मैं ही इसकी तस्वीर पोस्ट करूंगा और मीडिया को मैं ही यह खबर बताऊंगा। उन लोगों ने यह वादा किया था। मैं चाहता था कि और भी पार्टियों के नेता अगर आ सकें तो मैं उनकी तस्वीर भी साथ में ही पोस्ट करूं लेकिन पांच मिनट में ही आईबी के अधिकारी आए और कहा- सर, मुझे नहीं पता कैसे लेकिन ये तस्वीरें तो मीडिया चैनलों पर चल रही हैं। दरअसल, ये मंत्री अपने साथ फोटोग्राफर लेकर आए थे। उन्होंने मुझसे वादा किया था कि वे फोटो रिलीज नहीं करेंगे लेकिन मेरे साथ धोखा किया।'