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नेपाल बाढ़ में फंसे हैं आपके अपने? हेल्पलाइन नंबर जारी, चेक कीजिए

नेपाल में आई बाढ़ की चपेट में सैकड़ों लोग लापता गए हैं। 133 से ज्यादा भारतीय नागरिकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

Nepal Flood 2026

नेपाल के रासुका में उमड़ा जलसैलाब। Photo Credit: PTI

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 133 से ज्यादा भारतीय लापता हो गए है। उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। पड़ोसी देश में तिब्बत की सीमा से सटे रसुवा जिले में अचानक बाढ़ आ जाने से कई गांव और शहर बह गए हैं। नेपाल की बाढ़ से भारत में खतरा बढ़ा है। बिहार के कोसी और गंडक नदियों में बाढ़ के आने की आशंका है। नेपाल के 11 हाइड्रो पावर प्लांट बह गए हैं, 19 से ज्यादा पुल गए हैं। नेपाल में 400 से ज्यादा लोग लापता हैं।

नेपाल बाढ़ की वजह से भारत ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा नजदीक सभी यूनिट को अलर्ट किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए एसएसबी के 18 दल तैनात किये गए हैं। एसएसबी का यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने के अनुमान और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की आशंका के बीच जारी किया गया है। 

नेपाल में फंसे हैं, ये हैं हेल्पलाइन नंबर

अगर आप हिंदुस्तानी हैं और आपके अपने वहां फंसे हैं भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी संपर्क के लिए दो नंबर +9779851316807 और +9779709107500 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

 

भारत में कहां-कहां खतरा है?

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा, करनाली और महाकाली नदी प्रणालियों वाले संवेदनशील जिलों पर खतरा मंडरा सकता है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण और वैशाली में भी खतरा बढ़ गया है गंडक-नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात की है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने बालेन शाह की बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की और वहां बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर संवेदना जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

कैसे मची है त्रासदी?

नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक तिब्बत की ओर से आई बाढ़ सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में तेजी से बढ़ी, जिससे तिब्बत से सटे रसुवा और धादिंग जिले और काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुआ है।

नरेंद्र मोदी , प्रधानमंत्री:-
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीम बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।

नेपाल को क्या नुकसान हुआ है?

रसुवा में आए बाढ़ की वजह से कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीयों समेत लगभग 400 लोग लापता हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। 


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