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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SC में याचिका दायर, SIR को लेकर SIT जांच की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें अब बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

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CEC ज्ञानेश कुमार, File Photo Credit: PTI

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष लगातार हमलावर है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद उन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसमें खास तौर पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) से जुड़े फैसलों का जिक्र किया गया है। याचिकाकर्ता ने वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ वोटरों के नाम कथित तौर पर हटाए जाने की जांच के लिए विशेष जांच दल( SIT) करने की मांग की है।

 

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में  याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन फैसलों को चुनौती देने की मांग की है, जिन्हें कथित तौर पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिया गया। याचिका में इन फैसलों को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले मूल 'फॉर्म 6' को फिर से बहाल करने की मांग भी की गई है।

 

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला

याचिकाकर्ता ने हाल ही में सामने आई इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

 

याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग और ECI की IT प्रमुख सीमा खन्ना के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इन अधिकारियों ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट के तहत अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन किया।

 

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CEC पर कार्रवाई की मांग

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की मांग है कि इस बात की SIT से जांच कराई जाए कि वोटर लिस्ट से 13 करोड़ वोटरों के नाम कैसे हटाए गए। याचिका में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट की धारा 32 के तहत शिकायतें दर्ज करने और मुकदमा शुरू करने की अपील की गई है।

इस याचिका पर सुनवाई को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतजार है। यह याचिका ऐसे समय में दाखिल की गई है जब ज्ञानेश कुमार पर पूरा विपक्ष हमलावर है और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। राहुल गांधी ने खुद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है और चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सीजेपी ने भी 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। 


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