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'नशामुक्त भारत के लिए कोशिश करें', 'मन की बात' में PM मोदी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। पढ़ें उन्होंने मन की बात में क्या कहा है।

PM Modi, Paper Leak Law

पेपर लीक कानून, Photo Credit- PMIndia

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से अपील की कि वे नशे की समस्या से भारत को पूरी तरह मुक्त कराने और युवाओं का मजबूत भविष्य बनाने के लिए मिलकर काम करें। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा अभियान अब पूरे देश में तेजी से फैल रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसका मकसद एक ही है नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि सभी मिलकर नशामुक्त भारत बनाने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास करें। 

यह भी पढ़ें: 'नशामुक्त भारत और बेहतर कल के लिए कोशिश करें', PM मोदी की अपील

क्या है नशा मुक्त भारत अभियान?

नशामुक्त भारत अभियान 15 अगस्त 2020 को मादक पदार्थों की मांग घटाने की राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत शुरू किया गया था। इस अभियान का मकसद जागरूकता फैलाना, समाज की भागीदारी बढ़ाना, इलाज, पुनर्वास, इलाज के बाद की देखभाल और सामाजिक पुनर्वास के जरिए नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है। नशे के खिलाफ पूरे देश में जनआंदोलन खड़ा करना भी इसका लक्ष्य है।

स्वनिधि योजना पर PM ने क्या कहा? 

प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए चलाई जा रही पीएम स्वनिधि योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना लाखों महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने, आमदनी बढ़ाने और परिवार का बेहतर भविष्य बनाने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाखों माताओं और बहनों को नई ताकत मिल रही है, लेकिन महिला सशक्तिकरण के इस पहलू पर जितनी चर्चा होनी चाहिए उतनी नहीं होती। 

यह भी पढ़ें: 'मन की बात' की बात में PM की अपील, घर बनाएं गणपति बप्पा, लेकिन कैसे, तरीका जानिए

महिला सशक्तीकरण पर पीएम ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा, 'पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपना व्यवसाय आगे बढ़ा रही हैं। यह योजना जून 2020 में शुरू की गई थी। उस समय कोविड महामारी के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और उनके कारोबार बंद हो चुके थे।'

पीएम मोदी ने कहा, 'इस योजना का मकसद उन्हें मदद देना और कारोबार दोबारा शुरू कराना था। समय के साथ यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद तक नहीं रही। इससे सड़क किनारे सामान बेचने वालों को पहचान मिली, औपचारिक मान्यता मिली और अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को भी स्वीकार किया गया। शुरुआत में यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक के लिए थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक कर दिया गया है।'

प्रधानमंत्री मोदी इस समय उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर हैं। मन की बात का कार्यक्रम आमतौर पर कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किया जाता है और हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित किया जाता है।


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