केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं के रिजल्ट जारी हो चुके हैं। मगर, रिजल्ट जारी होने के बाद सीबीएसई विवादों में आ गया है। इससे पहले नीट यूजी पेपर लीक को लेकर एनटीए विवादों में है। सोमवार को सीबीएसई से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने बोर्ड की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार को वेदांत नाम के एक छात्र के 12वीं में फिजिक्स में बहुत कम नंबर आए, जिसके बाद उसने सीबीएसई में रीवैल्यूएशन प्रक्रिया के जरिए अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए अप्लाई किया। इसके बाद छात्र को बोर्ड ने उसकी कॉपी भेजी, लेकिन बोर्ड ने जो कॉपी भेजी है वह छात्र वेदांत की नहीं है।
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छात्र ने क्या कहा?
छात्र ने कहा, 'सीबीएसई ने जो फिजिक्स की आंसर शीट भेजी है, वह मेरी आंसर शीट बिल्कुल नहीं है। मुझे पता है कि यह मेरी हैंडराइटिंग नहीं है और इसमें वे सवाल नहीं थे जो मैंने किए थे। सिर्फ मुझे ही नहीं मेरे परिवार, टीचर्स और हर कोई जो मेरी राइटिंग जानता है, उन्होंने तुरंत फर्क नोटिस कर लिया।'
सीबीएसई ने मानी खुद की गलती
छात्र ने इसकी शिकायत एक्स एकाउंट पर की है, जिसके बाद उसे ट्रोल किया गया है। साथ ही छात्र को पाकिस्तानी और एजेंट बताया गया है। हैरानी की बात तो यह है कि खुद सीबीएसई ने छात्र वेदांत की बात मानते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इसके बाद सीबीएसई ने इस पूरे मामले को पर एक्शन लेते हुए अपनी गलती मानी और वेदांत को आश्वस्त किया है कि जल्द ही सही फोटोकॉपी उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।
अशोक श्रीवास्तव की पकड़ी गई गलती
छात्र की बात को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी नाक नहीं पाया और अपनी गलती मान ली। मगर, दूरदर्शन में पत्रकार रहे अशोक श्रीवास्तव ने बिना सच्चाई जाने छात्र वेदांत को पाकिस्तानी करार दे दिया। अशोक ने एक्स पर वेदांत को कटघरे में रखते हुए कहा, 'क्या पाकिस्तानियों ने भी सीबीएसई के एग्जाम दिए थे?' अशोक श्रीवास्तव के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर जमकर इनको भला-बुरा कहा जा रहा है क्योंकि उन्होंने एक 17 साल के छात्र को पाकिस्तानी कहा, जो वह नहीं है।
राहुल गांधी छात्र के समर्थन में उतरे
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में मोदी सरकार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया।
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उन्होंने कहा, 'दशकों में पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक हफ्ते से OSM, गलत मार्किंग और जांच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।'
'युवा और जेन-ज़ी नरेंद्र मोदी का अहंकार तोड़ेंगे'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आगे कहा, 'एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी गलत जांची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया। मगर, उसे मदद नहीं, गालियां मिलीं- बीजेपी के आईटी सेल ने उसे देश विरोधी कहा, सोरोस का एजेंट कहा, डीप स्टेट का हिस्सा कहा। एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज उठाता है और यह बीजेपी उसे देशद्रोही बना देती है।'
उन्होंने कहा कहा कि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार युवाओं और जेन-ज़ी से डरती है क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं। जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है। राहुल ने कहा कि यही यही युवा और जेन-ज़ी नरेंद्र मोदी का अहंकार तोड़ेंगे।