logo

मूड

ट्रेंडिंग:

आधार नहीं वोटर ID से मिलेंगे लाभ? ललन सिंह के बहाने राहुल गांधी ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने केद्रीय मंत्री ललन सिंह के आधार कार्ड को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार बहुत बड़ी साजिश कर रही है।

राहुल गांधी

नेता विपक्ष राहुल गांधी, Photo Credit- PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आधार कार्ड पर दिए बयान को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार अब सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार कार्ड की जगह वोटर आईडी को जरूरी बनाने की तैयारी कर रही है। राहुल ने इस फैसले को देश के लोकतंत्र और गरीबों के अधिकारों के लिए खतरा बताया है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह साजिश बहुत गहरी है। 

 

राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान, योजनाओं का लाभ अब आधार से नहीं, वोटर ID से तय होगा।' राहुल गांधी बीते दिनों चुनाव  आयोग की ओर से किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण ( SIR ) पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसी ओर इशारा करते हुए लिखा कि साजिश बहुत गहरी है, इत्मीनान से समझिए।

 

यह भी पढ़ें: 'ये जमात न कभी टूटी है न टूटेगी', NC में फूट की खबरों पर फारूक अब्दुल्ला का बयान

 

क्यों शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, यह पूरा विवाद केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के एक बयान के बाद शुरू हुआ है। ललन सिंह ने 30 अक्टूबर को 'पीपल्स प्लान कैंपेन 2026-27' पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि अब सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए आधार कार्ड पहचान का मुख्य आधार नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाएं हर इलाके में मौजूद हैं और पांच मिनट में किसी का भी आधार कार्ड बन सकता है। इसलिए लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह बायोमेट्रिक जानकारी और वोटर आईडी का ईपीआईसी नंबर इस्तेमाल किया जाएगा। 

राहुल गांधी ने उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष चुनाव आयोग पर वोट काटने के आरोप लगा रहा है। राहुल गांधी का आरोप है कि एक तरफ विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाता सूची से करोड़ों लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी वोटर आईडी को आधार बनाया जा रहा है। ऐसे में जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कट जाएंगे, वे सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं। 

वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में इस फैसले को SIR से जोड़ते हुए कहा कि अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं रहा तो लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के तहत विपक्षी दलों के समर्थकों और सरकार से नाराज लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे हैं। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए और उन पर बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में राशन, पेंशन, मनरेगा और आरक्षण जैसी सुविधाओं को भी वोटर आईडी से जोड़ दिया जा सकता है। 

 

यह भी पढ़ें: 'गरीब लोग प्रदूषण नहीं फैलाते...', पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 

राहुल ने बताया हक चोरी

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि वोट देना नागरिकों का अधिकार है, किसी सरकारी सुविधा को पाने की शर्त नहीं। उन्होंने लिखा, 'नाम कटा-वोट गया, वोट गया-हक गया। यह चुनाव जीतने की राजनीति नहीं, चुनाव चोरी का इंतजाम और सत्ता में बने रहने का स्थायी बंदोबस्त है।'

 

राहुल ने आगे लिखा कि हम यह कभी नहीं होने देंगे। उन्होंने लिखा, 'वोट देना आपका अधिकार है, शर्त नहीं। किसी गरीब की पेंशन उसके वोटर कार्ड की गुलाम नहीं हो सकती। ये सिर्फ वोट चोरी नहीं, ये हक चोरी है।' राहुल पहले से ही चुनाव आयोग और सरकार पर मिलीभगत के आरोप लगाकर हमले कर रहे थे। ललन सिंह के बयान के बाद उन्हें सरकार पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है। 


और पढ़ें