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हिमाचल में शुरू होगी 'शी ट्रैवल योजना', महिला पर्यटकों को होगा लाभ

हिमाचल प्रदेश की सरकार जल्द ही 'शी ट्रैवल योजना' शुरू करने की तैयारी में है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खुद ही वाराणसी में प्रदेश का टूरिज्म का नया प्लान पेश किया।

CM Sukhvinder Singh Sukhu

वाराणसी पहुंचे हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू। (Photo Credit: X/@SukhuSukhvinder)

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों को हिमाचल के अनछुए क्षेत्रों, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से करीब से परिचित करवाने के लिए अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके साथ ही कारवां पर्यटन और वीकेंड पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए हिमाचल प्रदेश को सुरक्षित और स्वागत योग्य पर्यटन गंतव्य बनाने के उद्देश्य से ‘शी ट्रैवल’ नीति तैयार की जा रही है। 

 

सरकार महिलाओं को होमस्टे, स्थानीय खाद्य व्यवसाय, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन से जुड़े स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए महिला आधारित पर्यटन उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रही है।

 

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज वाराणसी में आयोजित फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया के 56वें वार्षिक अधिवेशन में देशभर से आए होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

पर्यटकों में हिमाचल की अलग पहचान

मुख्यमंत्री ने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी लोगों से आग्रह किया कि वे देश-विदेश के पर्यटकों को हिमाचल आने के लिए प्रोत्साहित करें तथा अपने टूर पैकेज में राज्य के नए और अनछुए पर्यटन स्थलों को भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल की शांत और सुरक्षित घाटियां, स्वच्छ हवा, निर्मल जल, बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे जंगल, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गांवों की सरल जीवनशैली इसे देश और विदेश के पर्यटकों के बीच एक अलग पहचान प्रदान करती है। 

कनेक्टिविटी से सुगम बने पर्यटन स्थल

उन्होंने कहा कि आज का पर्यटक केवल पारंपरिक पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह शांति, प्रकृति, स्थानीय संस्कृति, वेलनेस, प्रामाणिक अनुभव और स्थानीय लोगों के साथ जुड़ाव को भी प्राथमिकता दे रहा है। हिमाचल इन सभी नई पर्यटन आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार से राज्य के दूरदराज क्षेत्र के पर्यटन स्थल भी अब अधिक सुगम हो गए हैं।

 

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हर जिला मुख्यालय में बनेगा हेलीपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना है। कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रत्येक जिला मुख्यालय में या उसके आसपास हेलीपोर्ट विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इससे न केवल पर्यटन के लिए हवाई संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और दूरदराज के क्षेत्रों से संपर्क को भी मजबूती मिलेगी।

होमस्टे सेवा को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सतत और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आर्थिक विकास के साथ-साथ हिमाचल की सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में होमस्टे योजना शुरू की गई है और होमस्टे नियम- 2025 लागू किए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं और पर्यटकों को हिमाचल के गांवों की वास्तविक जीवनशैली और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।

साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं भी

सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां ट्रेकिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण, कैंपिंग, माउंटेन साइक्लिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। बीड़-बिलिंग ने हिमाचल प्रदेश को विश्व के साहसिक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी समृद्ध है। राज्य के प्रमुख शक्तिपीठ, ऐतिहासिक मंदिर, बौद्ध मठ और गुरुद्वारे देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं तथा प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं।

एक साल में 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक हिमाचल में 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें 1.66 करोड़ धार्मिक पर्यटक शामिल थे। वर्ष 2026 में जुलाई माह तक 1.06 करोड़ पर्यटक प्रदेश का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से हिमाचल की पर्यटन क्षमता को और अधिक विकसित करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।


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