पूर्व केंद्रीय मंत्री
स्मृति ईरानी
2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर हार गई थीं। उसके बाद उन्हें मंत्री भी नहीं बनाया गया और किसी सदन में भी नहीं भेजा गया। कई बार कयास लगाए गए कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
उनसे नाराज हैं। एक वीडियो को लेकर भी उनकी खूब ट्रोलिंग हुई है। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय महामंत्री बनीं स्मृति ईरानी ने अब इन सभी मुद्दों पर बात की है। उनका यह इंटरव्यू वायरल हो रहा है कि क्योंकि उन्होंने इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र की कथित नाराजगी के बारे में भी बात की है। उन्होंने इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी उनके पिता जैसे है और अगर उनके गिरेबान तक किसी के हाथ पहुंच जाएं तो यह उनकी (स्मृति) गलती है।
स्मृति ईरानी ने टीवी की दुनिया में बने रहने या राजनीति में लौट आने, केंद्र में मंत्री ना बनाए जाने और कई अन्य विषयों पर भी अपनी बात रखी है। साथ ही, नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी
समेत विपक्षी दलों पर भी तंज कसा है। एक निजी चैनल के साथ किए इस इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने लंबे समय के बाद खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने यह भी कहा है कि 2019 और 2024 में उनके लिए ज्यादा कुछ नहीं बदला लेकिन लोग मजे ले रहे थे। स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि बीजेपी में इसी तरह से काम होता है और लोग लगातार अलग-अलग भूमिका निभाते रहते हैं।
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1. PM मोदी पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी?
पीएम मोदी के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 'आप उन पर हर दिन हमले कर सकते हैं। उनको डिफेंड करना हमारा काम है। अगर आप कह रही हैं कि उन पर हमले हो रहे हैं तो यह हमारी कमी है। ये आदमी, इसकी मां मर गई और दाह संस्कार के बाद वंदे भारत को झंडा दिखाने चला गया। क्या बात कर रहे हैं आप? इन्होंने बड़ी सभा करके नेताओं को इकट्ठा नहीं किया। मेरे पिता की उम्र का है। मेरे बाप के गिरेबान तक अगर आपका हाथ पहुंच जाए तो यह मेरी गलती है।'
पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण के दौरान खुद को इग्नोर किए जाने के सवाल पर स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैं और दादा वहां था। वह प्रधानमंत्री की पीठ है भैया, उसको क्या पता कौन किसको एकनालेज कर रहा है। वह क्षण हमारे लिए बहुत भावुक करने वाला था। हम लोग जो वहां बैठे थे, सभी भावुक थे। हो सकता है कि विपक्ष के लोगों के लिए उपहास का विषय हो सकता है लेकिन हमारे लिए वह जीत अहम थी।'
2. अमेठी की हार के पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी?
2024 तक केंद्रीय मंत्री रहीं स्मृति ईरानी अमेठी से किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हार गई थीं। तब उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें राज्यसभा भेजकर मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि, ना तो उन्हें मंत्री भेजा गया और ना ही अभी तक राज्यसभा भेजा गया। इसका नतीजा यह हुआ कि वह टीवी की दुनिया में लौट गईं और 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी...' सीरियल फिर से शुरू हो गया। हालांकि, अब स्मृति ईरानी ने इस पर भी विस्तार से अपनी बात रखी है।
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इस बारे में स्मृति ईरानी ने कहा है, 'अगर राजनीतिक ताकत महत्वपूर्ण होती तो मैं कभी अमेठी नहीं जाती क्योंकि बीजेपी वहां हारती रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि वह जहां से आई हैं, वहां उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इस मुकाम पर पहुंचेंगी।
3. टीवी सीरियल जारी रहेगा या नहीं?
राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में भूमिका बढ़ने के चलते वह सीरियल करेंगी या नहीं? इस सवाल के जवाब में स्मृति ईरानी ने कहा है, 'इसका एलान चैनल को करने दीजिए। वह सीरियल जनवरी में ही खत्म होना था लेकिन लोकप्रियता के चलते आगे बढ़ गया। अब यह बात मुझे और चैनल को पता है कि वह कब खत्म होगा। इसकी घोषणा चैनल को करने दीजिए।'
4. विपक्ष के आरोपों पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी?
विपक्ष के चौतरफा हमलों और राहुल गांधी के बारे में स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैंने देखा है कि गृहमंत्री ने कहा कि सदन में आइए और चर्चा करिए। सदन में ही विपक्ष और सत्ता पक्ष की भूमिका इतिहास में दर्ज होती है।'
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5. योगी और अमित शाह स्मृति ईरानी का जवाब
लखनऊ और दिल्ली के बीच रिश्तों और यूपी के चुनाव को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा, 'हम यूपी में जीतेंगे। मैं यह अतिआत्मविश्वास से नहीं कह रही हूं। यूपी ने कानून व्यवस्था के मामले में
योगी आदित्यनाथ
का हस्तक्षेप देखा है। हमारे पास सबसे डेडिकेटेड शख्स नरेंद्र मोदी हैं। हमारे पास अमित शाह हैं। हमारे पास सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हैं।'
स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि उन्हें पहली बार दायित्व नहीं मिला है लेकिन वह पार्टी की प्रक्रिया की बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगी। उन्होंने पार्टी के नेताओं विनोद तावड़े, सुनील बंसल और बील संतोष की भी जमकर तारीफ की है और एक कार्यकर्ता के रूप में अपने काम को भी याद किया है।