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हर दिन गिर रहा एक विकेट, अब TMC के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक का इस्तीफा

राज्यसभा में TMC सांसदों के इस्तीफों की हैट्रिक लग गई है। 4 दिन में तीसरे राज्यसभा सांसद ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

prakash chik baraik

सभापति को इस्तीफा सौंपते प्रकाश चिक बड़ाईक, Photo Credit: ANI

बीते तीन दिनों में तृणमूल कांग्रेस को राज्यसभा में तीसरा झटका लगा है। अब पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी राज्यसभा की सदस्या से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सुखेंदु शेखर रे और सुष्मिता देव भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। अब तीसरे इस्तीफे के बाद टीएमसी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 13 से घटकर 10 पर आ गई है। हालांकि, अभी भी वह राज्यसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।

 

TMC में जारी भागदौड़ के बीच ममता बनर्जी बुधवार को ही कोलकाता पहुंचीं जबकि अभिषेक बनर्जी अभी दिल्ली में ही हैं। चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने पर बातचीत चल रही है। हालांकि, अब TMC और कांग्रेस दोनों ने ही ऐसी खबरों को खारिज किया है। उधर, टीएमसी के लोकसभा संसदीय दल और पश्चिम बंगाल के विधायक दल में टूट बढ़ती जा रही है। लोकसभा में कम से कम 19 सांसद और विधानसभा में 60 से ज्यादा विधायक अगल गुट बना चुके हैं।

 

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प्रकाश चिक बड़ाईक ने क्या लिखा?

 

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन को लिखे अपने इस्तीफे में प्रकाश चिक बड़ाईक ने कोई वजह नहीं बताई है। उन्होंने सिर्फ एक लाइन में लिखा है कि वह इस्तीफा दे रहे हैं। प्रकाश चिक बड़ाईक ने सभापति, राज्यसभा सचिवालय और अन्य लोगों को धन्यवाद दिया है कि उन सभी ने उनके कार्यकाल के दौरान काफी सहयोग दिया।

 

बाद में मीडिया से बातचीत में प्रकाश चिक बड़ाई ने कहा, 'पश्चिम बंगाल के लोगों ने जिस तरह से राय दी है, उसको स्वीकार करते हुए आज मैंने भी इस्तीफा दे दिया है।' बीजेपी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'समय का इंतजार कीजिए।'

 

इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर रे ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार में बंगाल में काम ही नहीं हुए और गुंडों को पार्टी में तरजीह दी गई। वहीं, सुष्मिता देव ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि कुछ न कुछ वजहें तो हैं लेकिन वह इनके बारे में बाद में बताएंगी। सुष्मिता देव ने इस्तीफा देने के तुरंत बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से मुलाकात की थी इसलिए कहा जा रहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो सकती हैं।

 

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इससे पहले, लोकसभा में टीएमसी सांसदों के जिस गुट ने अलग बैठने की मांग की है उन्होंने नेशनल डेमोक्रैटिक अलायंस (NDA) का समर्थन करने का एलान किया है लेकिन किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है। कहा जा रहा है कि इस बागी गुट में शत्रुघ्न सिन्हा, यूसुफ पठान और ममता बनर्जी की बेहद करीबी रहीं सायोनी घोष का भी नाम शामिल है। इन तीनों ने ही इस पर कुछ नहीं कहा है।

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