logo

मूड

ट्रेंडिंग:

सर्वाइकल कैंसर के हॉटस्पॉट राज्यों में कितनी पहुंची HPV वैक्सीन?

सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ राष्ट्रीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान के तहत 80 लाख से ज्यादा HPV वैक्सीन दी जा चुकी हैं। जिस राज्य में सर्वाइकल कैंसर से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं, वहां HPV वैक्सीन कितनी पहुंची?

Cervical Cancer, HPV Vaccination,

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

भारत में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 साल की लड़कियों को मुफ्त एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन दी जा रही है। 11 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान के तहत 80 लाख से ज्यादा एचपीवी वैक्सीन दी जा चुकी हैं, सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 22 लाख से ज्यादा किशोरियों को टीका लगाया गया है। बता दें कि एचपीवी वैक्सीन एक ऐसा टीका है जो शरीर को ह्यूमन पैपिलोमावायरस से बचाता है, यह वायरस मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर और गुप्तांगों के मस्से पैदा करने के लिए जिम्मेदार होता है। 

 

भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। भारत में इससे हर साल लगभग 80,000 महिलाओं की मौत होती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर से देश भर में मुफ्त HPV वैक्सीन अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत 14 साल की करीब 1.15 करोड़ लड़कियों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन दी जा रही है, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाती है। फरवरी 2026 में शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 80 लाख से ज्यादा वैक्सीन की खुराकें दी जा चुकी हैं।

 

यह भी पढ़ें: आयुर्वेदिक हुक्के से जड़ से खत्म होगी बीमारी? रामदेव के दावे पर डॉक्टर की राय

अभियान के तहत लगाए जा चुके हैं 80 लाख से अधिक टीके

11 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस अभियान के तहत 80 लाख से ज्यादा एचपीवी वैक्सीन की खुराकें दी जा चुकी हैं। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 22 लाख से ज्यादा किशोरियों को टीका लगाया गया है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने तय लक्ष्य का 100 फीसदी कवरेज हासिल किया है। इस अभियान के तहत 4 साल की लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर माता-पिता की सहमति से एचपीवी वैक्सीन की एक खुराक मुफ्त दी जा रही है। सरकार ने करीब 1.2 करोड़ पात्र लड़कियों को इस अभियान के दायरे में रखा है।    

 

भारत में सर्वाइकल कैंसर का खतरा कितना बड़ा? 

28 फरवरी 2026 को सरकार ने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। GLOBOCAN 2022 के अनुमान के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 80 हजार महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर से मौत होती है। यानी हर दिन करीब 9 महिलाएं देश में इस खतरनाक कैंसर की वजह से अपनी जान गवां देती हैं। इसी अनुमान के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 1.2 लाख नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं।

 

इसी खतरे को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। फरवरी 2026 में शुरू हुए इस अभियान के तहत 11 सितंबर 2026 तक 80 लाख से ज्यादा HPV वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं।

जहां सबसे ज्यादा होती हैं मौतें, वहां कितनी पहुंची वैक्सीन? 

हाल ही में संसद में पेश किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां इस कैंसर से अनुमानित सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। UP-तमिलनाडु इस बीमारी के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभरे हैं। वहीं मध्य प्रदेश की स्थिति भी डराने वाली है, जहां यह बीमारी टॉप राज्यों की सूची में शामिल है। सर्वाइकल कैंसर का गढ़ बना उत्तर प्रदेश देश में इस बीमारी का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। मध्य प्रदेश मौतों और केसों के मामले में देश में छठे स्थान पर है। 

 

 

वहीं, 11 सितंबर को आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, HPV वैक्सीन अभियान के तहत सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 22 लाख से ज्यादा किशोरियों को टीका लगाया गया है। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में 22 लाख से ज्यादा किशोरियों को टीका लग चुका है। आंकड़ों के मुताबिक गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने तय लक्ष्य का 100 फीसदी कवरेज हासिल किया है। बिहार ने 90 और कर्नाटक ने 85 फीसदी का लक्ष्य हासिल किया है। 


और पढ़ें