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अतिथि देवो भव वाले देश में विदेशियों से बदसलूकी? NCRB के आंकड़े डरा देंगे

भारत में विदेशियों के प्रति होने वाले अपराधों में साल 2023 की तुलना में करीब 8 फीसदी इजाफा हुआ है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit: ChatGPT

भारत में अतिथियों को देवता कहा गया है। अतिथि देवो भव, तैत्तिरीय उपनिषद के शिक्षावल्ली खंड में जब यह लिखा गया होगा, तब शायद अतिथियों के साथ ऐसा व्यवहार होता रहा हो लेकिन अब भारत बदल रहा है। विदेशी पर्यटकों के साथ भारतीयों का व्यवहार, बहुत अच्छा नहीं रहा है। 

भारत में विदेशी पर्यटकों के प्रति होने वाले अपराध में साल 2023 की तुलना में 8 फीसदी इजाफा हुआ है। 2023 में विदेशी पर्यटकों के साथ अपराध के सिर्फ 238 मामले सामने आए थे, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह मंत्रालय की ओर से तैयार 'क्राइम इन इंडिया 2024' में ये आंकड़े 257 तक पहुंच गए। 

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विदेशियों के साथ किस तरह के अपराध हुए हैं? 

भारत में विदेशी पर्यटकों और निवासियों के साथ हुए ज्यादातर अपराध चोरी के हैं। करीब 62 केस ऐसे हैं, जिसमें विदेशी पर्यटकों ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। अवैध ट्रैफिकिंग (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत कुल 25 केस दर्ज हुए हैं। कुल 317 पीड़ितों में से 257 पीड़ितों ने केस दर्ज कराया। 

किन विदेशियों के खिलाफ अपराध हुए?

भारत में कुल 317 विदेशी पर्यटकों ने अपने साथ हुए अपराध की जानकारी दी। इनमें से करीब 257 पर्यटकों ने केस दर्ज कराया। पर्यटकों में से 64 फीसदी आबादी, एशियाई महाद्वीप से ही थी। करीब 203 पर्यटक एशिया से थे। दक्षिण अफ्रीकी देशों के पर्यटकों से हुए अपराध करीब 15.1 फीसदी हैं। 

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विदेशियों ने भारत में कौन से अपराध किए हैं?

क्राइम इन इंडिया 2024 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि करीब 2792 केस, साल 2024 में दर्ज हुए। साल 2023 में यह आंकड़ा 2546 था। विदेशी नागरिकों के भारत में अपराध करने के मामले करीब 9.7 फीसदी बढ़ गए हैं। 

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किन कानूनों के तहत दर्ज हुए हैं अपराध?

विदेशियों के अपराध के ज्यादातर मामले 46.6 प्रतिशत मामले रजिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज हुए। कुल 1301 मामले, इस अधिनियम के तहत दर्ज हुए हैं। 19 फीसदी मामले, पासपोर्ट से संबंधित अपराधों से जुड़े थे। करीब 544 विदेशी नागरिकों ने पासपोर्ट संबंधित अपराध किए थे। यह दर, करीब 19.5 फीसदी है।   


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