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भारत पर 18% टैरिफ कैसे सही? चीन का नाम लेकर पीयूष गोयल ने समझाया

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 18 फीसद टैरिफ वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है। समझौते के तहत भारतीय सामान पर 18% टैरिफ लगेगा।

Commerce and Industry Minister Piyush Goyal

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल। ( Photo Credit: X/@PiyushGoyal)

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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 18 फीसद टैरिफ वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है। समझौते के तहत भारतीय सामान पर 18% टैरिफ लगेगा। वहीं भारत अमेरिका सामान पर शून्य टैरिफ लगाएगा। इसके बाद से ही केंद्र सरकार की विपक्ष जमकर आलोचना कर रहा है। अमेरिका को अधिक छूट देने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत पर लगा टैरिफ अन्य पड़ोसी देशों की तुलना में कम है।

 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ इंटरव्यू में गोयल ने बताया कि चीन को 35 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ता है, जबकि कई अन्य देशों पर 19 प्रतिशत या उससे ज्यादा का टैरिफ लगा है, इससे भारत की स्थिति सापेक्ष तौर पर अधिक अनुकूल है।

 

 

 

 

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पीयूष गोयल ने कहा, 'मैं भारत के भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं अपनी आंखों के सामने इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों को देख सकता हूं, हमने दुनिया भर में, पूर्व और पश्चिम में विभिन्न महाद्वीपों और 38 देशों को शामिल करते हुए नौ समझौते संपन्न किए हैं। इनमें से 37 विकसित देश हैं। मॉरीशस में अधिकांश आबादी भारतीय मूल की है और वह हमसे प्रतिस्पर्धा नहीं करता है। ये 38 देश वैश्विक जीडीपी का एक बहुत बड़ा हिस्सा हैं। ये समृद्ध अर्थव्यवस्थाएं हैं, जो बड़े पैमाने पर हमसे प्रतिस्पर्धा नहीं करती हैं और ज्यादातर मामलों में एक-दूसरे की पूरक हैं।'

 

जब पीयूष गोयल से पर्दे के पीछे की बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'खैर, मुझे लगता है कि यह मजेदार है। बातचीत का मतलब है तेजी से समझना, भविष्य को देख पाना, चीजों को अलग-अलग नजरिए से देखना ताकि आप कई तरह के नतीजों को समझे बिना किसी एक पॉइंट पर न फंसें। उन्होंने यह भी कहा, 'बातचीत में शांत रहना बहुत जरूरी है। हालांकि, कभी-कभी, असर दिखाने के लिए गुस्सा भी हो सकते हैं।'

 

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की डील करने का तरीका दूसरे देश की भावनाओं का सम्मान करना रहा है, क्योंकि हम उनसे भी हमारी सम्मान की उम्मीद करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने भारत की भावनाओं का सम्मान किया है। जवाब में उन्होंने कहा, मुझे पर्सनली कहना चाहिए मैंने अपने साथियों के साथ बहुत अच्छे रिश्ते बनाए। इसलिए हर देश में USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) और दूसरे अधिकारी, अमेरिका के दूसरे मंत्री, इतने करीब हो गए हैं कि मैं कह सकता हूं कि वे परिवार के सदस्यों जैसे हैं।

 

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राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं

पीयूष गोयल ने कहा, मुझे कहना होगा कि मैं भाग्यशाली हूं कि इन बातचीत में मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और कैबिनेट में मेरे दूसरे सहयोगियों से गाइडेंस मिला। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि वाणिज्य मंत्रालय में मेरे पास बातचीत करने वालों की एक शानदार टीम है। इसे दूसरे मंत्रालयों और मुश्किल समय में प्रधानमंत्री कार्यालय व कैबिनेट सचिव का पूरा सपोर्ट मिला। यह सच में पूरे सरकार का अप्रोच रहा है। इससे बहुत अच्छे और तेज नतीजे मिले हैं। मैं कह सकता हूं कि नौ में से किसी भी समझौते में हमने राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं किया। हमारी बातचीत में जनता की भलाई सबसे आगे रही है। सभी समझौते निष्पक्ष, संतुलित और बराबर हैं। जहां भी अर्थव्यवस्थाएं छोटी थीं और हमें लगा कि हम जो दे रहे थे, उसके बदले में हमें जो मिल रहा था, वह काफी नहीं है तो हमने उसे अतिरिक्त इनपुट से पूरा किया।'


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