सरकार ने अगले रबी सीजन के लिए गेहूं का MSP यानी भाव सिर्फ 25 बढ़ाया है। पहले यह 2,585 रुपये प्रति क्विंटल था और अब इसे बढ़ाकर 2,610 रुपये कर दिया है। देखा जाए तो यह एक फीसदी से भी कम की बढ़ोतरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में गेहूं का भंडार बहुत ज्यादा है, इसलिए भाव ज्यादा नहीं बढ़ाया गया। सरकार का कहना है कि गेहूं उगाने में एक क्विंटल पर 1,264 की लागत आती है, और भाव इससे दोगुने से भी ऊपर है। इसके अलावा, सरकारी आंकड़ों की मानें तो धान का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये बढ़ाकर 2441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। करीब 3 फीसदी का बढ़ोतरी है। वहीं, दूसरी तरफ पिछले पांच वित्त वर्षों में देश में खुदरा महंगाई करीब 27 फीसदी बढ़ी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जितनी मंहगाई बढ़ी है, उसके हिसाब से किसानों को उनकी फसलों की कीमत मिल रही है?
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रबी फसलों की MSP कितनी बढ़ी? (2022-23 से 2027-28)
सरकारी आंकड़ों को देखें तो गेहूं का MSP 2027-28 के लिए 25 रुपये बढ़कर 2,610 प्रति क्विंटल हुआ। 2022-23 में यह 2,015 था, यानी 5 साल में 595 (करीब 30%) की बढ़त हुई है। जौ 1,635 से बढ़कर 2,286 हुआ, यानी 40 फीसदी ज्यादा। चना 5,230 से 5,958 हुआ, बस 14% की बढ़त, जो रबी में सबसे कम है। वहीं मसूर 5,500 से 7,390 हुई, यानी 34 फीसदी ज्यादा। सरसों की बात करें तो यह 5,050 से 6,613 हुई, यानी 31 फीसदी ज्यादा हुए है। कुसुम 5,441 से 7,215 हुआ, यानी 33 फीसदी ज्यादा। इस बार सबसे ज्यादा 675 की बढ़त कुसुम में हुई।
खरीफ फसलों की कीमत कितनी बढ़ी (2021-22 से 2026-27)
आंकड़ों के मुताबिर, सामान्य धान का MSP 1,940 रुपये से बढ़कर 2,441 हुआ, यानी 26 फीसदी की बढ़त। ए-ग्रेड धान 1,960 से 2,461 हुआ, इसमें भी 26% की बढ़त है। इसके अलावा, हाइब्रिड ज्वार 2,738 से 4,023 हुई (47 फीसदी), मालदंडी ज्वार 2,758 से 4,073 रुपये हुई (48 फीसदी), और रागी 3,377 से 5,205 रुपये हुई (54%), जो सबसे ज्यादा है।इसके अलावा, बाजरा 2,250 से 2,900 हुआ और मक्का 1,870 से 2,410 हुआ और दोनों में 29 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
दालों में अरहर 6,300 से 8,450 हुई (34%), उड़द 6,300 से 8,200 हुई (30%), और मूंग 7,275 से 8,780 हुई (21%), जो सबसे कम है। तिलहन में मूंगफली 5,550 से 7,517 हुई (35%), सूरजमुखी 6,015 से 8,343 हुआ (39%), सोयाबीन 3,950 से 5,708 हुआ (45%), तिल 7,307 से 10,346 हुआ (42 फीसदी), और रामतिल 6,930 से 10,052 हुआ (45%)। इसके अलावा, कपास (मध्यम रेशा) 5,726 से 8,267 हुई और कपास (लंबा रेशा) 6,025 से 8,667 रुपये हुई, दोनों में 44 फीसदी की बढ़त।
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महंगाई के हिसाब से कितनी बढ़ी MSP?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 साल में महंगाई लगभग 26-27% बढ़ी। ऐसे में MSP कुछ फसलों में इससे थोड़ा आगे रही, कुछ में बराबर और कुछ में पीछे। इनमें दालें सबसे ज्यादा हुई हैं, दालें जैसे अरहर, मसूर, उड़द महंगाई के हिसाब से सबसे आगे रहे। वहीं, गेहूं केवल 0.97% बढ़ा, जबकि अगस्त 2026 में महंगाई 4.82% थी। यानी गेहूं का असल भाव घटा है। इसके अलावा, बात करें तो मूंग और चना महंगाई से पीछे रहे।