संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 1 दिसंबर से शुरू होगा। विपक्ष मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण, दिल्ली बम धमाका और दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को उठाएगा। इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा होना तय है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण पर व्यापक चर्चा की मांग की। इसके अलावा टीएमसी और डीएमके मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहे हैं। यह दल एसआईआर का मुद्दा भी संसद में उठा सकते हैं। बता दें कि मानसून सत्र में भी एसआईआर का मुद्दा उठाया गया था।
कांग्रेस ने बिहार चुनाव के बीच वोट चोरी का मुद्दा कई बार उठाया। माना जा रहा है हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव में कथित 'वोट चोरी' का मुद्दा कांग्रेस उठा सकती है। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर संसद में एक दिन की चर्चा होने की उम्मीद है। 24 नवंबर को राज्यसभा सचिवालय ने संसद सदस्यों को सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए सदन के अंदर या बाहर 'वंदे मातरम' और 'जय हिंद' जैसे नारे लगाने से मना किया था। इसे संसदीय शिष्टाचार का उल्लंघन बताया गया। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई थी। अब माना जा रहा है कि टीएमसी वंदे मातरम का मुद्दा उठा सकती है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में वक्फ लागू, विरोध करने वाली ममता सरकार मानीं कैसे? इनसाइड स्टोरी
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- दिल्ली धमाका
- एसआईआर
- वायु प्रदूषण
- वंदे मातरम
- विदेश नीति
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा दित्वा, श्रीलंका में 200 पहुंचा मौतों का आंकड़ा
कांग्रेस ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
सर्वदलीय बैठक के बाद टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि टीएमसी ने मनरेगा और एसआईआर जैसे मुद्दों को उठाया, लेकिन इनकी मंजूरी नहीं मिली। लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सरकार तैयार नहीं है। एसआईआर पर बहस करनी होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा और विपक्ष को टाइम आवंटन का मामला भी अहम है।
संसद भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने एसआईआर, दिल्ली विस्फोट और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को उठाया और इस बार बहस करने की मांग की। इस बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर शीतकालीन सत्र की अवधि कम करके संसदीय प्रक्रिया को पटरी से उतारने का आरोप लगाया। गोगोई ने कहा, 'शीतकालीन सत्र 19 दिनों का है। सिर्फ 15 दिन चर्चा होगी। संभवत: यह अब तक का सबसे छोटा शीतकालीन सत्र होगा। ऐसा लगता है कि सरकार खुद संसद को पटरी से उतारना चाहती है।'
शीतकालीन सत्र में कौन-कौन विधेयक होंगे पेश?
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार 10 विधेयक पेश करेगी। इसमें सबसे अहम परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों को एंट्री देने से जुड़ा विधेयक है। सरकार एक उच्च शिक्षा आयोग विधेयक भी पेश करेगी। यह विधेयक यूजीसी जैसे मौजूदा निकायों की जगह लेगा। बता दें कि 1 दिंसबर से शुरू होने वाला शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर को समाप्त होगा।
- बीमा कानून (संशोधन) विधेयक- 2025
- दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक- 2025
- परमाणु ऊर्जा विधेयक- 2025
- प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक- 2025
- कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक- 2025
- भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक- 2025
- मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक- 2025
- राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक- 2025
- मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक- 2025
- जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक- 2025