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होर्मुज स्ट्रेट में फिर युद्ध के हालात, ईरान-अमेरिका में जंग, भारत परेशान क्यों?

होर्मुज में अमेरिका-ईरान के टकराने की वजह से भारत की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। भारत की चिंताएं क्या हैं,आइए समझते हैं।

Strait of Hormuz

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई देशों के जहाज फंसे हैं। Photo Credit: PTI

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अमेरिका और ईरान एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट में टकरा रहे हैं, एक-दूसरे पर संघर्ष विराम समझौता तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों पर हालिया हमलों पर गहरी चिंता जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सीजफायर को खत्म घोषित कर दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हरमुज में ईरान ने व्यापारिक जहाजों पर हमला किया है। अब अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता खत्म हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप, तुर्की में नॉर्थ अटलांटिक ट्रिटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) के शिखर सम्मेलन में हैं।

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भारत ने क्या अपील की है?

भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत पर लौटने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को निशाना बनाना क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा है।

भारत ने कहा कि सभी पक्ष तनाव कम करें, नागरिकों की सुरक्षा करें और ऊर्जा तथा व्यापार की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखें। विदेश मंत्रालय ने सभी से संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर कुवैत दौरे पर हैं। उन्होंने कुवैत के नेताओं से क्षेत्रीय संघर्ष के प्रभाव पर चर्चा की और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए धन्यवाद दिया है।

यह भी पढ़ें: 'सीजफायर खत्म, ये लोग कैंसर की तरह', ईरान पर भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप

भारत की चिंता क्या है?

भारत, स्ट्रेट ऑफ हरमुज से तेल, गैस और खाद की आपूर्ति पर काफी निर्भर है। अगर जंग जारी रहा तो भारत में एक बार फिर मुश्किलें बढ़ जाएंगी। भारत अब शांति बहाल करने की कोशिशों में जुट गया है। 

नया टकराव हुआ क्यों है?

पहले अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। ट्रंप ने ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाने और बंदरगाहों की नाकेबंदी की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान दशकों से ऐसा ही है, उनके साथ सख्ती से पेश आना होगा। अब दोनों देश एक बार फिर जंग के मुहाने पर खड़े हैं। 

 


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