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'विपक्ष तैयार हो, कल 3 बजे हर सवाल का जवाब...', गृहमंत्री अमित शाह का प्रस्ताव

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं लेकिन पहले विपक्ष चर्चा के लिए तैयार तो हो।

Amit Shah

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, File Photo Credit: PTI

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संसद में जवाब ना देने के आरोपों से घिरे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। बुधवार को संसद भवन में अमित शाह ने कहा कि वह सदन में ही रहेंगे, चर्चा सुनेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। उन्होंने विपक्ष से कहा है कि वे आज 2 बजे तक लिखकर स्पीकर को दे दें और वह कल 3 बजे जवाब देने को तैयार हैं। खुद को 'भगोड़ा' कहे जाने पर अमित शाह ने कहा है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती हैं। अमित शाह का कहना है कि वह हर दिन संसद आते हैं और अपने चेंबर में रहते हैं लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं देता तो वहां जाकर क्या करें।

 

इस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि हम यानी देश की युवा पीढ़ी अमित शाह का लेक्टर सुनने में इंटरेस्टेड नहीं है। उन्होंने कहा है कि एक चीज का सीधा जवाब चाहिए कि आखिर किसने स्टूडेंट्स को गोली मारने के आदेश दिए, किसने एक छात्र को अंधा कर दिया, किसने आदेश दिए कि कील लगी लाठियों से छात्रों को मारा जाए? राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना बताएं कि अमित शाह ने आदेश दिए कि नहीं, अगर दिए तो वह इस्तीफा दें।

 

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क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने कहा है, 'सबसे पहले तो लापता, भाग गए, भगोड़े हैं, इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से मैं लगातार संसद में आता हूं। मेरे चेंबर में बैठा हूं। विपक्ष दोनों सदनों में संसद को चलने ही नहीं दे रहा है तो कोई जाकर क्या करेगा?'

उन्होंने आगे कहा, 'जहां तक चर्चा का सवाल है तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने स्पष्ट कर दिया है कि NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए। पहले तो ये यही मांग कर रहे थे। हमने हां बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हूं। मगर वे चर्चा ही नहीं होने देना चाहते हैं। जनता तय करे कि कौन भाग रहा है।'

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर कहा है, 'हम अमित शाह की कल्पना और उनका लेक्चर सुनने में इंटरेस्टेड नहीं है। यहां हम का मतलब इस देश की युवा पीढ़ी से है। हमें सिर्फ इतना जानना है कि उन छात्रों को किसने गोली मारी? किसने आदेश दिए कि छात्रों को गोली मारी जाए, किसने एक छात्र को अंधा कर दिया, किसने एक छात्र के कान पर गोली मारी? किसने आदेश दिया कि बच्चों को कील लगी लाठियों से मारा जाए? क्या अमित शाह ने यह आदेश दिया? अगर उन्होंने दिया तब भी उन्हें इस्तीफा दिया और अगर नहीं दिया तब भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।'  

 

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नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता है कि अमित शाह क्या कहते हैं। उन्होंने आगे कहा है, '20 दिन के लिए गायब हो गए थे। यहां बैठे थे, गाड़ी आती-जाती थे। बच्चों को जानना चाहिए कि अमित शाह के आसपास 30 गाड़ियां चलती हैं। उनके घर के बाहर हजार पुलिसवाले खड़े हैं कि कोई बच्चा न आ जाए। गुब्बारे में से गैस निकल गई लेकिन आखिरी वक्त में गैस भरने की कोशिश कर रहे हैं। अब गुब्बारा फट गया है। अमित शाह में साहस नहीं है। भारत के गृहमंत्री में संसद में आने का साहस नहीं है।'

 

अमित शाह ने यह भी कहा है, 'आज भी मैं कहता हूं कि आज वे 3 बजे तक स्पीकर साहब को पत्र दे दें। आज 3 बजे से कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा। सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है। वह भी चर्चा करूंगा कि आप चर्चा क्यों नहीं चाहते हैं। मोदी जी के नेतृत्व में सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है, बस वे सदन चलने दें। कल मैं 3 बजे सब चीजों का जवाब दे दूंगा।'

 


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