logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बृजभूषण सिंह की फिर बढ़ीं मुश्किलें! पहलवानों के इस कदम से हो सकते हैं परेशान

महिलाओं पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के इस मामले में बृज भूषण शरण को बरी किए जाने को चुनौती दी है।

former WFI chief Brij Bhushan Sharan Singh

बृज भूषण शरण सिंह।

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में उनके बरी होने के फैसले को चुनौती दी है। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 3 अगस्त को करेगा। 

 

पहलवानों ने तर्क दिया है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश कानूनी तौर पर टिकने लायक नहीं था और यौन उत्पीड़न और हमले के पीड़ितों के व्यवहार के बारे में पुरानी और घिसी-पिटी बातों पर भरोसा करते हुए सबूतों का चुनिंदा तरीके से मूल्यांकन किया गया था। स्पेशल जज (MP-MLA केस) दिग विनय सिंह एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करेंगे।

 

यह भी पढ़ें: 'ऐसे कितने दिन जिंदा रहोगे', ज्ञानेश कुमार के साथ विपक्ष पर क्यों बरसे अभिजीत?

'गलत और चुनिंदा तरीके से की गई जांच'

अपनी अपील में पहलवानों ने कहा है कि यह फैसला रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों की गलत और चुनिंदा तरीके से की गई जांच पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा है कि यह आदेश अंदाजों और अनुमानों पर आधारित है और कानून के जरूरी और अच्छी तरह से तय सिद्धांतों को लागू करने में नाकाम रहा है।

पहलवानों ने अपील में क्या कहा?

पहलवानों के अपील में यह भी कहा गया है कि फैसले के कुछ हिस्से उन बातों पर निर्भर करते हैं जिन्हें अपील करने वाले यौन उत्पीड़न और उत्पीड़न के पीड़ितों के उम्मीद के मुताबिक व्यवहार के बारे में पुरानी और घिसी-पिटी सोच बताते हैं। इसके बजाय कि शिकायत करने वालों के हालात के हिसाब से सबूतों का आकलन किया जाए।

 

यह भी पढ़ें: अमेरिकी-यूक्रेनी नागरिकों को NIA कोर्ट से राहत, देश लौटने की मिली मंजूरी

 

बता दें कि यह मामला WFI अध्यक्ष के तौर पर बृज भूषण शरण सिंह के कार्यकाल के दौरान महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ की गई शिकायतों से जुड़ा है। इन आरोपों के बाद 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाने-माने पहलवानों ने विरोध-प्रदर्शन किया और दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की।


और पढ़ें