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उत्तराखंड के बाद UP की बारी! प्रदेश संगठन में बदलाव करेगी BSP?

उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन में बदलाव के बाद यूपी में भी कई मंडलों के प्रभारी और कमेटियों के पदाधिकारियों को बदले जाने की चर्चा है।

BSP Chief Mayawati PTI

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती। Photo Credit: PTI

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बहुजन समाज पार्टी के संगठन को लेकर लखनऊ में हलचल तेज हो गई है। उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन में बदलाव के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी कई मंडलों के प्रभारी और कमेटियों के पदाधिकारियों को बदले जाने की चर्चा है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि मंगलवार तक बदलाव से जुड़े पत्र जारी किए जा सकते हैं। विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच संगठन में संभावित फेरबदल को लेकर BSP के अंदर भी निगाहें टिकी हैं। इसी के साथ पार्टी बूथ स्तर के संगठन, मतदाता सूची और उम्मीदवारों के चयन पर भी फोकस बढ़ा रही है।

 

BSP की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को उत्तराखंड की स्टेट यूनिट के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद नरेश गौतम को उत्तराखंड का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इससे पहले अनिल कुमार इस पद पर थे। वहीं उत्तराखंड के प्रभारी रहे दिनकर को लखनऊ और फैजाबाद मंडलों में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। BSP सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के लिए मुनकाद अली, उमाशंकर और अनिल कुमार को भी प्रभारी बनाया गया है। इस बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन और मतदाता सूची की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई।

UP में कई चेहरे बदलने की चर्चा

उत्तराखंड में बदलाव के बाद यूपी संगठन में भी फेरबदल की अटकलें तेज हैं। रविवार की बैठक के बाद पार्टी के कई मंडलों के प्रभारी बदले जाने और विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार तक इस संबंध में पत्र जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, किन मंडलों में बदलाव होगा और किन चेहरों को नई जिम्मेदारी मिलेगी, इसकी तस्वीर पत्र जारी होने के बाद ही साफ होगी।

 

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BSP की चुनावी तैयारियों में बूथ स्तर का संगठन भी अहम फोकस में है। हाल की समीक्षा बैठक में यूपी और पंजाब में पोलिंग बूथ तक की कमेटियों के पुनर्गठन को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संगठन की कमियों को तय समय में दूर करने और जमीनी नेटवर्क को सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।यूपी में विधानसभा चुनाव को देखते हुए उम्मीदवारों के चयन की प्रगति की भी समीक्षा की जा रही है। पार्टी की ओर से मजबूत और योग्य उम्मीदवारों के चयन पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।

9 अक्टूबर को लखनऊ में जुटेंगे 18 मंडलों के कार्यकर्ता

BSP संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि 9 अक्टूबर को लेकर भी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मायावती ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ताओं, समर्थकों और पदाधिकारियों को लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम स्मारक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।इस बार यूपी-दिल्ली सीमा स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में कार्यक्रम नहीं होगा। वहां रखरखाव का काम चल रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की स्थिति को देखते हुए मुख्य कार्यक्रम लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक में करने का फैसला लिया गया है। दूसरे राज्यों में पार्टी इकाइयां जोन स्तर पर संगोष्ठियों के जरिए कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगी।

 

उत्तराखंड की बैठक में मायावती ने एसआईआर के बाद करीब 9 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से हटाए गए नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया। मायावती ने खास तौर पर गरीब, युवा, महिलाओं और कमजोर तबकों के पात्र लोगों को मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित न होने देने पर जोर दिया।

 

 

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UP चुनाव से पहले संगठन पर बढ़ा फोकस

BSP की हालिया गतिविधियों में संगठन के साथ-साथ उम्मीदवार चयन और बूथ नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिखाई दे रहा है। 9 अक्टूबर के लखनऊ कार्यक्रम में सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ताओं का जुटना भी इसी संगठनात्मक तैयारी का हिस्सा है। पार्टी के स्तर पर मंडल प्रभारियों और कमेटियों में संभावित बदलाव के बाद अब यह देखना अहम होगा कि किन चेहरों को नई जिम्मेदारियां मिलती हैं। उत्तराखंड के बाद यूपी में संभावित फेरबदल और लखनऊ में 9 अक्टूबर के बड़े आयोजन से BSP की चुनावी तैयारियों की दिशा को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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