logo

मूड

ट्रेंडिंग:

क्या तेज प्रताप को MLC बनाएंगे तेजस्वी? बिहार की सियासत में शुरू हुई नई चर्चा

बिहार में एमएलसी चुनाव का सियासी गुणा-भाग जारी है। 8 अप्रैल यानी सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। आरजेडी ने अभी तक अपने प्रत्याशी ऐलान नहीं किया है। मगर बिहार की सियासत में तेज प्रताप यादव के नाम की चर्चा खूब है।

Tej Pratap and Tejashwi Yadav

तेज प्रताप और तेजस्वी यादव। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

google_follow_us

बिहार विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है, लेकिन आखिरी दिन से पहले भी राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक सीट और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार पर सस्पेंस बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश और राजद के संभावित उम्मीदवार के नाम की चल रही है।

 

अब तक 10 सीटों में से 9 पर एनडीए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुका है। भाजपा और जदयू ने चार-चार तथा लोजपा (रामविलास) ने एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है। हालांकि एक सीट पर अभी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, जिससे दीपक प्रकाश के राजनीतिक भविष्य पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

यह भी पढ़ें: 'बिहार में खाली कर दें सरकारी जमीन', मंत्री का अल्टीमेटम; होगा बुलडोजर एक्शन

 

उधर, विपक्षी दल राजद के खाते में संख्या बल के आधार पर एक सीट लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पार्टी नेतृत्व अब तक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगा सका है। फैसला पूरी तरह नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के हाथ में है।

सामाजिक समीकरण या पारिवारिक दबाव?

सूत्रों के अनुसार तेजस्वी यादव सामाजिक समीकरण साधने के लिए वंचित समाज से आने वाले शिवचंद्र राम को विधान परिषद भेजने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव को देखते हुए राजद अनुसूचित जाति के वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

 

दूसरी ओर पार्टी के भीतर एक अलग राय भी सामने आ रही है। चर्चा है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तेज प्रताप यादव को विधान परिषद भेजे जाने की पक्षधर हैं। शनिवार शाम तेज प्रताप यादव का राबड़ी आवास पहुंचना भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना रहा। हालांकि उन्होंने इसे राबड़ी देवी की तबीयत जानने के लिए की गई मुलाकात बताया।

 

यह भी पढ़ें: 'मेरे खिलाफ साजिश हुई, कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहता था', गहलोत का छलका दर्द

क्या तेज प्रताप की वापसी संभव?

राजद नेताओं का एक वर्ग साफ तौर पर कह रहा है कि तेज प्रताप यादव फिलहाल पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और ऐसे में पार्टी का टिकट किसी सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता को ही मिलना चाहिए। यही वजह है कि शिवचंद्र राम का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

 

राजद सूत्रों का कहना है कि पार्टी सुप्रीमो की अंतिम सहमति मिलने के बाद ही उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी। संभावना जताई जा रही है कि रविवार देर रात या सोमवार सुबह नाम का एलान कर दिया जाए।

सबकी नजर आखिरी फैसले पर

नामांकन के अंतिम दिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एनडीए दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने का रास्ता निकाल पाएगा? और क्या तेजस्वी यादव सामाजिक समीकरण को प्राथमिकता देंगे या पारिवारिक दबाव के बीच कोई चौंकाने वाला फैसला लेंगे?


और पढ़ें