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'चवन्नी, रुपया, ABCD और जाट...', अखिलेश यादव की बोलती जयंत चौधरी ने बंद कर दी?

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी अब एक-दूसरे पर बिना नाम लिए हुए सियासी हमला कर रहे हैं। नया विवाद क्या है, पढ़ें रिपोर्ट।

Akhilesh Yadav vs Jayant Chaudhry

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी। Photo Credit: RJD/SP/X)

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने 'चवन्नी' वाले बयान को लेकर राजनीतिक दलों के निशाने पर हैं। उन्होंने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए पुराने सहयोगी जयंत चौधरी की आलोचना की थी, अब जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव को जवाब दिया है। 

जयंत सिंह ने कहा कि अगर नाम लेना ही था तो सीधे नाम लेकर बोलते, कोई बात नहीं होती। उन्होंने अखिलेश यादव पर जाट समाज का मजाक उड़ाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने जाट समाज को ABCD सिखाई है। उन्होंने कहा कि यह बयान इशारा कर रहा है कि अब पतन होने वाला है।

यह भी पढ़ें: ऐश्वर्य राज सिंह की क्यों जयंत चौधरी ने सौंपी यूपी RLD की कमान? समीकरण समझिए

जयंत चौधरी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोक दल:-
उन्हें सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी। जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई? मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूं ऐसा आचरण सिर्फ पतन लाता है!

अखिलेश की किस बात पर गुस्सा हुए जयंत?

अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी हमें छोड़कर चले गए।

 

 

कैसे बिगड़े अखिलेश और जयंत के रिश्ते?

जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल पहले समाजवादी पार्टी गठबंधन का हिस्सा थी। साल 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। केंद्र सरकार ने जयंत चौधरी के दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिया, फरवरी 2024 में जयंत चौधरी, सपा गठबंधन तोड़कर भारतीय जनता पार्टी गठबंधन का हिस्सा हो गए।

 

 

यह भी पढ़ें: 36 सीटों पर RLD का दावा! जयंत चौधरी ने बढ़ाया दबाव, BJP की बढ़ी टेंशन

जयंत चौधरी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोक दल:-
मैं उन्हें इतना याद क्यों आ रहा हूं, ये सवाल आप उन्हीं से करिए। अखिलेश अपनी बात कहें तो अच्छा है, लेकिन इस तरह के बयानों से वे उन लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर रहे हैं जो आज उनके साथ खड़े हैं। राज्य में लोकतंत्र है और जनता सबको बनाती है।

अब घिर गए हैं अखिलेश?

मायावती, अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी:-
अखिलेश यादव का यह कहना कि हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है, पूरी तरह अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक है। अखिलेश को रालोद, उसके नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के बारे में अखिलेश यादव की अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्हें पूरे जाट समाज से माफी मांगनी चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: जयंत चौधरी गए, अब जाटों को साधने के लिए अखिलेश यादव ने खेला बड़ा दांव

जयंत के जाने से बेचैन क्यों हैं अखिलेश यादव?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट वोट बैंक का बड़ा हिस्सा एनडीए के पक्ष में जाता दिख रहा है। अखिलेश का यह रुख गैर जाट पिछड़ी जातियों को एकजुट करने की कोशिश है। एनडीए सहयोगियों में आरएलडी सबसे मजबूत स्थिति में है। यह दल, अब 20 से ज्यादा सीटें मांग रहा है। 

ABCD वाला बयान क्या था?

अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान के बाद समाजवादी पार्टी के यूपी अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा था, ' जाट समाज को राजनीति की ABCD नहीं आती थी।'

क्यों अखिलेश यादव ने 'चवन्नी' पर जोर दिया?

जयंत चौधरी ने एक जनसभा में बीजेपी के साथ गठबंधन में जाने को लेकर कहा था, 'मैं कोई चवन्नी थोड़े हूं जो पलट जाऊंगा।' जयंत चौधरी पलट गए थे और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन का हिस्सा बन गए थे। अब समाजवादी पार्टी के नेता इस बयान को लेकर उन्हें ट्रोल करते हैं।

 


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