एक समय ऐसा था जब कांग्रेस के ही कुछ नेताओं ने नई नवेली नेता बनीं इंदिरा गांधी को 'गूंगी गुड़िया' कहा था। इस बार भी यह शब्द कांग्रेस की ओर से ही उछाला गया है और इस बार इसका निशाना बनी हैं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की मुखिया सुनेत्रा पवार। महाराष्ट्र कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से किए गए एक पोस्ट में सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' लिखे जाने के चलते NCP के कार्यकर्ता मंगलवार को मुंबई में स्थित कांग्रेस दफ्तर में घुस गए और जमकर हंगामा किया। यह मामला सुनेत्रा पवार से पूछे गए एक सवाल का जवाब ना दिए जाने से जुड़ा है।
अब शरद पवार तक से अपील की जा रही है कि वह कांग्रेस से इस मामले पर माफी मंगवाएं। NCP ने महाराष्ट्र कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर की गई इस पोस्ट को आपत्तिजनक बताया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवेसना के मुखिया एकनाथ शिंदे ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम और कांग्रेस ने इस टिप्पणी से सिर्फ उनका ही नहीं, राज्य की सभी माताओं और बहनों का अपमान किया है।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, सोमवार को सुनेत्रा पवार एक प्रेस वार्ता में हिस्सा ले रही थीं। उनके साथ एनसीपी के विधायक धनंजय मुंडे भी थे। जब बीड में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे गए तो देखा गया कि धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा पवार को जवाब देने से रोक दिया। इसके तुरंत बाद सुनेत्रा पवार ने आनन-फानन में प्रेस वार्ता खत्म कर दी।
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इसी को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस ने प्रेस वार्ता का वीडियो शेयर किया और लिखा, 'आखिर सुनेत्रा पवार कब तक गूंगी गुड़िया बनी रहेंगी?' बवाल और हंगामे के बाद भी कांग्रेस नेताओं ने इसका बचाव किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे सकारात्मक आलोचना बताते हुए कहा है कि इंदिरा गांधी की तरह
सोनिया गांधी
को अपने काम से लोगों को गलत साबित करना चाहिए।
रोचक बात है कि अब कांग्रेस के ही कुछ नेताओं ने इस पोस्ट की आलोचना की है और अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत भी दे डाली है। पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने इसे गलत बताते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं की आलोचना की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा है कि ये लोग बहुत नीचे गिर गए हैं।
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महाराष्ट्र कांग्रेस ने दी सफाई
इस मामले पर विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है, 'बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। पत्रकारों ने जो सवाल पूछा था, उस पर एक विधायक ने सवाल पूछने से रोका और वह (सुनेत्रा पवार) बिना जवाब दिए चली गईं। उसी पर यह एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी थी जैसे कि कार्टून छपते हैं। किसी अभद्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया, उसके बावजूद ये सब हो रहा है। मुझे इस पर हंसी आ रही है। इंदिरा जी को लेकर एक टिप्पणी हुआ करती थी और तब से गूंगी गुड़िया जैसा शब्द चर्चा में है। इंदिरी जी ने कर्मठता के साथ काम करते हुए मजबूत पंत प्रधान के रूप में खुद को साबित किया था।'
उन्होंने सुनेत्रा पवार को सलाह देते हुए कहा, 'इंदिरा जी की तरह ही इनके पास भी मौका है कि अगर कोई आपके विरोधी ऐसा कहते हैं तो आप कुछ ऐसा करके दिखाएं कि ऐसा बोलने की नौबत ना आएं।' कांग्रेस के दफ्तर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ताओं के घुसने और प्रदर्शन करने के सवाल पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'एक राजनीतिक दफ्तर में पुलिस के होते हुए भी कुछ गुंडे घुसे। ऐसे ही लोगों ने यहां आकर हिंसा की और यह पुलिस के साथ उनकी मिलीभगत है।'