'EVM हैक हो सकती है, बैलट पेपर से चुनाव कराएं', मायावती के बयान की 5 बड़ी बातें
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि EVM को हैक किया जा सकता है।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती। Photo Credit: PTI
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि देश में चुनाव आयोग की निष्पक्षता के लिए जरूरी है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से अब दोबारा चुनाव न हों। मायावती ने संदेह जताया है कि EVM को हैक किया जा सकता है। उन्होंने साल 2024 में हुए लोकसभा चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर EVM में छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
मायावती ने दावा किया है कि नगीना लोकसभा सीट पर चंद्र शेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (ASP) का कोई जनाधार नहीं था, फिर भी यह सीट भारतीय जनता पार्टी के कहने पर चुनाव आयोग ने धांधली करके आजाद समाज पार्टी को जिता दी। मायावती ने दावा किया है कि बीजेपी नहीं चाहती है कि बहुजन समाज पार्टी सत्ता में आए, इसलिए चंद्रशेखर आजाद को आगे कर रही है। मायावती का दावा है कि यह उनकी पार्टी के खिलाफ साजिश है।
यह भी पढ़ें: 'उसका कोई आधार नहीं, BJP ने साजिश करके जितवाया', चंद्रशेखर पर बोलीं मायावती
मायवती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में और क्या कहा है, पढ़ें उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें-
'चुनाव निष्पपक्ष ढंग से हों'
मायवती ने कहा, 'भीमराव अंबेडकर के बनाए भारतीय संविधान में देश के हर व्यक्ति को अपने वोट का इस्तेमाल करके, उसे देश और प्रदेश की सरकार को चुनने का यह मौलिक अधिकार दिया गया है। इस संवैधानिक अधिकार को सही रूप में संचालित और क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इलेक्शन कमीशन को सौंपी गई है। इलेक्शन कैसे कराए जाएं और इसकी क्या प्रक्रिया होगी, इसके लिए संसद द्वारा एक्ट व नियम आदि भी बनाए गए हैं, जिससे कि पूरे देश में जहां भी सरकार चुनने के लिए विधायकों या लोकसभा सदस्यों के चुनाव होते हैं तो वह निष्पक्ष ढंग से हों।'
मायावती ने कहा, 'हर व्यक्ति को अपना मत अपनी मर्जी से डालने का अधिकार हो, उसका दिया गया मत उसी व्यक्ति को मिले और मतगणना में गिना जाए, जिसके पक्ष में उसने अपना मत दिया है। इस बात का उसे किसी भी प्रकार से कोई भी संदेह ना हो कि उसका वोट किसी और के खाते में चला गया है या गिना गया है। क्योंकि ऐसा होने पर स्वाभाविक रूप से यह लोकतंत्र की हत्या होगी, जो कि एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आएगा। लोगों का लोकतंत्र पर से विश्वास खत्म हो जाएगा।'
'बैलेट पेपर नहीं, EVM से हों चुनाव'
मायावती ने कहा, 'देश में पहला चुनाव हुआ हुआ था तो तब से लगभग 5 दशकों तक वोट देने के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल ही होता था। गिनती के समय सभी पार्टियों के प्रतिनिधि के सामने ही खोला जाता था और गिना जाता था लेकिन इस प्रक्रिया को खत्म करके इलेक्शन कमीशन द्वारा इसे बैलेट पेपर की जगह पर अब ईवीएम का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस संबंध में यहां मैं यह भी कहना चाहूंगी कि जब कांग्रेस पार्टी की केंद्र में सरकार थी तो तब बीजेपी द्वारा इसका यह कहते हुए विरोध किया गया कि ईवीएम एक मशीन है, जिसमें लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप को आसानी से हैक किया जा सकता है। इसका प्रमाण देते हुए उनके द्वारा एक किताब भी प्रकाशित की गई थी। उनका यह भी कहना है कि इस ईवीएम की मशीन का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस पार्टी चुनाव जीत जाती है। यह भी कहा गया कि इन्हीं कारणों से ईवीएम ज्यादातर देशों में इस्तेमाल नहीं होती है और अधिकांश बैलेट पेपर का ही इस्तेमाल होता है। इसलिए इसे अपने देश में भी रोक देना चाहिए, यह बीजेपी का कहना था, उनके वरिष्ठ नेताओं का।'
यह भी पढ़ें: पहले चंद्रशेखर आजाद, अब चिराग, मायावती की टेंशन क्यों बढ़ा रहे ये चेहरे?
'BJP ने EVM खत्म करने की वकालत की, फिर नहीं खत्म किया'
मायवती ने कहा, 'हैरानी की बात यह है कि जब बीजेपी चुनाव जीतकर केंद्र की सरकार में आ गई तो अब उसने ईवीएम को समाप्त कराने की जगह उसी के द्वारा वोटिंग करवाने की और गिनती कराने की भी प्रक्रिया को चालू रखा है। जहां तक बीएसपी का सवाल है, उसने शुरू से ही ईवीएम के द्वारा वोटिंग कराने का खुलकर विरोध किया है। क्योंकि बीएसपी इस देश के दबे-कुचले, अनपढ़, कम पढ़े-लिखे, मजदूरी करके रोजाना कमाई कर करके अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले तथा दलित व अति पिछड़े वर्गों आदि के और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के भी हित में बनी पार्टी है। इन लोगों को इस बात का यकीन है कि उनका वोट ईवीएम की धांधली की वजह से उनकी अपनी एकमात्र हितैषी पार्टी बीएसपी के उम्मीदवारों को ही वे अपना वोट देते हैं, जो उनको ना जाकर किसी और के खाते में खुल जाता है। इस कारण से धीरे-धीरे अब उनका वोट देने पर पर से ही विश्वास उठता जा रहा है।'
यह भी पढ़ें: कमिश्नरों की ही नहीं सुनते CEC ज्ञानेश कुमार? रिपोर्ट पर घिरा चुनाव आयोग
'चंद्रशेखर आजाद की वजह से खत्म हो रहा बहुजन युवाओं का करियर'
मायावती, राष्ट्रीय अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी:-
EVM में छेड़छाड़ का खास उदाहरण आजाद समाज पार्टी का सांसद है, जिसका नगीना सुरक्षित लोकसभा की सीट पर कुछ भी जनाधार नहीं है लेकिन फिर भी उसे षड्यंत्र के तहत, खासकर बीएसपी को नुकसान पहुंचाने के लिए, बीजेपी ने ईवीएम में धांधली कराके उसे जितवा दिया। ऐसा वहां के लोगों का यह मानना है। जो अब इस पार्टी के इशारों पर चलकर देश में जहां-जहां खासकर दलितों पर अन्याय, अत्याचार आदि होता है तो वहां यह पहुंच जाता है। वहां पहुंचकर इसको अधिकारियों से बात करने की बजाए, उनको न्याय दिलाने की बजाए, यह करता क्या है? वहां पहुंच जाता है और उनसे धरना-प्रदर्शन आदि कराके, वह खासकर उसमें युवाओं को आगे करके उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करवा देता है। जिससे फिर इनको जल्दी से, इनकेके केस खत्म होने तक सरकारी नौकरी भी नहीं मिल पाएगी। और तब यह लोग कोर्ट-कचहरी आदि के चक्कर में पड़कर आए दिन पिछड़ते ही चले जाएंगे। जिससे विशेषकर दलितों को तो अब इनके बहकावे में कतई भी नहीं आना है।
मायावती ने दावा क्या है कि नगीना सुरक्षित सीट पर आजाद समाज पार्टी के सांसद का जनाधार नहीं था और वहां के लोगों का मानना है कि BJP ने ईवीएम में गड़बड़ी कराकर उन्हें जितवाया। उन्होंने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर वे दलित उत्पीड़न के मामलों में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन कराते हैं, जिससे युवाओं पर केस दर्ज होते हैं और उनकी सरकारी नौकरी की राह मुश्किल होती है। उन्होंने दलित समाज से बहकावे में न आने की अपील की है।
यह भी पढ़ें: जेन जी, आंदोलन, चुनाव आयोग, ट्रेंडिंग मुद्दों के सहारे चुनाव जीतेगी कांग्रेस?
SIR , चुनाव आयोग और कानून-व्यवस्था पर भी मायावती ने उठाए सवाल
मायावती, अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी:-
मैं यह भी कहना चाहूंगी कि देश की राजधानी दिल्ली में व नजदीक के लगे पंजाब राज्य में, अन्य और राज्यों में भी, आए दिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर जो कानून व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। यह देश के लिए बड़ी चिंता की बात है। इसे दुरुस्त करने के लिए खासकर संबंधित राज्यों की सरकारों को जरूर उचित कदम उठाना चाहिए तो यह जनहित में उचित होगा।
मायावती ने कहा कि वोटों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर फैली भ्रांतियों को चुनाव आयोग को समय रहते दूर करना चाहिए था और इस समय पूरा विपक्ष गुस्से में है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि आयोग इन बातों पर गंभीरता से गौर करेगा। मायावती ने अपील की है कि दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए संबंधित राज्य सरकारों सही कदम उठाएं।
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | EDITORIAL POLICY | Sitemap




