भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेता अलग-अलग मौकों पर कह चुके हैं कि वे पंजाब का अगला चुनाव अकेले लड़ेंगे। इस बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मुखिया सुखबीर बादल आज यानी शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
से मिले। इस मुलाकात ने एक बार फिर से दोनों पार्टियों के साथ आने की सुगबुगाहट तेज कर दी है। इस मौके पर पंजाब में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया
अरविंद केजरीवाल
ने पूछा है कि क्या 'चन्दा चोर पार्टी' और 'बेअदबी पार्टी' का गठबंधन हो रहा है? उन्होंने
अक्षय कुमार
और शिल्पा शेट्टी की फिल्म 'धड़कन' के गाने 'ना ना करते प्यार' का जिक्र करके दोनों पार्टियों पर निशाना साधा है।
अचानक हो रही इस मुलाकात के बारे में कोई एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि, दोनों पार्टियों के पुराने रिश्तों और पंजाब में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए माना जा रहा है कि दोनों दल फिर से साथ आ सकते हैं। गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे दलों से आए राज्यसभा सांसदों से मुलाकात की थी जिसमें AAP से आए राज्यसभा सांसद भी शामिल थे। इनमें से ज्यादातर राज्यसभा सांसद पंजाब से ही आते हैं और माना जा रहा है कि पंजाब के अगले चुना में इन सांसदों की भी अहम भूमिका हो सकती है।
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क्या बोले केजरीवाल?
अरविंद केजरीवाल ने सुखबीर बादल के ही चैनल PTC न्यूज की खबर को अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा है, 'ना ना करते प्यार तुम्ही से कर बैठे। तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है?' उन्होंने PTC News की खबर का जिक्र किया है जिसमें बताया गया है कि सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन में मुलाकात कर रहे हैं और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
कब टूटा बीजेपी-अकाली का गठबंधन?
वैचारिक तौर पर एक-दूसरे के करीब माने जाने वाले अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन अगस्त 2020 में टूट गया था। तीन कृषि कानूनों को लेकर मचे बवाल के बीच अकाली दल ने बीजेपी से दूरी बना ली थी। इतना ही नहीं, उस समय केंद्र सरकार में मंत्री रहीं हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और कृषि कानूनों को मजूदरों और आढ़तियों के लिए खतरे की घंटी बताया था।
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2022 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल और बीजेपी अलग-अलग चुनाव लड़े। तब AAP की आंधी चली और पांच बार के सीएम रहे प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे और अब अकाली दल के मुखिया सुखबीर सिंह बादल अपनी ही सीटों से चुनाव हार गए। इस चुनाव में बीजेपी के वोट प्रतिशत में मामूली इजाफा हुआ लेकिन अकाली दल को जबरदस्त नुकसान हुआ। वह सिर्फ 18.4 प्रतिशथ वोट हासिल कर पाई और 3 विधायक ही जीते।
2024 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों दल अलग-अलग ही रहे। अकाली दल से सिर्फ हरसिमरत कौर बादल चुनाव जीतीं और अकेले उतरी बीजेपी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। इस चुनाव में दोनों दलों ने सभी 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। कांग्रेस को 7, AAP को 3, अकाली दल को एक और दो निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली थी।