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'घुटन और अपमान महसूस कर रहे थे', BJP में शामिल होकर बोले प्रद्युत बोरदोलोई

असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Pradyut Bordoloi joined BJP

हिमंत बिस्वा सरमा, दिलीप सैकिया और प्रद्युत बोरदोलोई। (Photo Credit: PTI)

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असम विधानसभा चुनाव 2026 की दहलीज पर खड़े राज्य में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई बुधवार, 18 मार्च को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की मौजूदगी में BJP का दामन थामने के बाद बोरदोलोई ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस में वह लंबे समय से 'घुटन' और 'अपमानित' महसूस कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें दशकों पुराना रिश्ता तोड़ना पड़ा।

 

प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ने की मुख्य वजह पार्टी के भीतर अपनी बात की अनदेखी और अपमानजनक व्यवहार को बताया। उन्होंने विशेष रूप से स्क्रीनिंग कमेटी की एक बैठक का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जब उन्होंने एक उम्मीदवार के आपराधिक संबंधों के सबूत पेश किए तो उन्हें झूठा और मनगढ़ंत बताकर खारिज कर दिया गया। बोरदोलोई के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में हुए इस अपमान ने उन्हें विद्रोही कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

 

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बोरदोलोई का इमरान मसूद पर हमला

प्रद्युत बोरदोलोई ने सहारनपुर के सांसद और असम स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य इमरान मसूद पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'इमरान मसूद जैसे सांप्रदायिक नेता ने मेरे द्वारा दिए गए सबूतों को सबके सामने फर्जी करार दिया। सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि असम कांग्रेस के अध्यक्ष और अन्य बड़े नेता वहां मौजूद थे लेकिन किसी ने मेरा बचाव नहीं किया।' बोरदोलोई ने भावुक होते हुए कहा कि कांग्रेस में अब अनुभवी नेताओं के स्वाभिमान की कोई जगह नहीं बची है।

 

दलबदल के बाद उठे सवालों पर प्रद्युत बोरदोलोई ने साफ किया कि उनका इस्तीफा केवल टिकट वितरण को लेकर नहीं था। उन्होंने कहा, 'मेरे पास अभी लोकसभा सदस्य के रूप में तीन साल का कार्यकाल बचे हैं। अगर मुझे सिर्फ सत्ता का मोह होता तो मैं अपमान सहकर भी सांसद बना रहता लेकिन मेरे लिए सिर उठाकर जीना ज्यादा जरूरी है।' दिलचस्प बात यह है कि बोरदोलोई के इस्तीफे के तुरंत बाद कांग्रेस ने उनके बेटे को मार्घेरिटा विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जिसे परिवार को साधे रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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प्रियंका गांधी वाड्रा का आया रिएक्शन

असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस दलबदल ने कांग्रेस की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। प्रद्युत बोरदोलोई से पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी BJP में शामिल हो चुके हैं। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि वह टिकट बंटवारे को लेकर नाराज थे। काश हमें उनसे इस बारे में बात करने का मौका मिला होता।'


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