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दिल्ली में बिहार का वीडियो दिखाकर UP में करेंगे खेला! OP राजभर चाहते क्या हैं?

ओपी राजभर ने केंद्रीय मंत्री को जो वीडियो दिखाई है, उसी के दम पर वह उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव बीजेपी से ज्यादा से ज्यादा सीटों को लेकर मोलभाव कर सकते हैं।

OP Rajbhar meets kiren rijiju

ओपी राजभर और किरेन रिजीजू। Photo Credit (@oprajbhar)

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर मंगलवार (9 जून) को दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजीजू से मुलाकात की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने अल्पसंख्यक मंत्रालय की योजनाओं को लागू करने पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान राजभर के बेटे और सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर भी मौजूद थे।

 

दिल्ली में इस मुलाकात के बाद ओपी राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसका हक दिलाना है। उनकी पार्टी हर नागरिक के अधिकार, सम्मान और चौमुखी विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ निरंतर काम करती रहेगी। राजभर ने यह बातें उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कही हैं, जिसमें उनकी अहम भूमिका रहने वाली है।

 

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वीडियो में छिपा है गहरा संदेश

अपनी मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए राजभर ने कहा कि केंद्रीय रिजीजू से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न समसामयिक एवं जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। किरेन रिजीजू ने भी ओम प्रकाश राजभर की शिष्टाचार मुलाकात की एक वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में दोनों नेता आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो में गहरा संदेश छिपा हुआ है।

केंद्रीय मंत्री को बताई रैलियों की कहानी

दरअसल, केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान ओपी राजभर एक सियासी दांव खेल गए, जिसके दूगामी परिणाम हो सकते हैं। इस मुलाकात के दौरान ओपी राजभर ने किरेन रिजीजू को पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनाव से पहले की अपनी चुनावी रैलियों की वीडियो दिखाई, जिसमें वह अपना प्रभाव दिखा रहे हैं। वीडियो में राजभर बता रहे हैं कि कैसे बंगाल में उनके द्वारा 10-12 जिलों में रैलियां करने से बीजेपी को फायदा हुआ और पार्टी कई सीटें जीत गई।

 

 

 

 

मंत्री ओपी राजभर ने इसके साथ ही बंगाल से सटे बिहार के कई जिलों (खासकर सीमांचल क्षेत्र) की भी वीडियो दिखाई। इसमें उन्होंने रिजीजू को बताया कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में लगभग 24 सभाएं की थीं। इसी समय किरेन रिजीजू कहते हैं कि 'आपकी जमीन पर अच्छी पकड़ है और रैलियों में काफी भीड़ आती है।' रिजीजू की बात सुनकर राजभर दगदग हो जाते हैं।

 

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राजभर का सियासी दांव क्या है?

ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में एनडीए के सहयोगी हैं। वह दावा करते हैं कि यूपी के दर्जनों जिलों में उनके समाज 'राजभर' वोटरों की अच्छी-खासी संख्या है। राजभर की पार्टी सुभासपा इसी राजभर जाति के बलबूते राजनीति करती है। किरेन रिजीजू से मुलाकात के दौरान भी उन्होंने बंगाल और बिहार में अपनी जाति के वोटरों की ही बात की। ऐसे में वह इस वीडियो में संदेश देना चाहते हैं कि उनकी पकड़ यूपी के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल में भी है। यह बात बताकर राजभर भविष्य में यूपी के साथ ही दोनों राज्यों में विधानसभा की सीटों पर दावा ठोंक सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो उनकी पार्टी के विस्तार में मदद मिलेगी।

 

 

 

ओपी राजभर जमकर करेंगे मोलभाव

मगर, ओपी राजभर की इस वीडियो के दम पर खासतौर से नजर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव हैं, जिसमें वह बीजेपी से ज्यादा से ज्यादा सीटों की मोलभाव कर सकते हैं। सपा ने उन्हें 18 सीटे लड़ने के लिए दी थीं। एक सीट पर सुभासपा के सिंबल पर सपा ने अपना उम्मीदवार उतारा था। ऐसे में 2027 के चुनाव में राजभर बीजेपी से लगभग दो दर्जन सीटों पर दावा ठोंक सकते हैं।

 

यूपी में 2022 का विधानसभा चुनाव राजभर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में मिलकर लड़े थे। सुभापसा और सपा के गठबंधन के कारण बीजेपी को पूर्वांचल में करीब 10-15 सीटों पर नुकसान हुआ था। वहीं, इस चुनाव में सुभासपा को पूर्वांचल में छह सीटें मिली थीं। लेकिन सपा के साथ उनका गठबंधन ज्यादा दिन नहीं चला। जुलाई 2023 में ओम प्रकाश राजभर सपा से गठबंधन तोड़कर फिर एनडीए में शामिल हो गए। तब से ओम प्रकाश योगी सरकार में मंत्री हैं। इन्हीं सीटों के बलबूते राजभर योगी सरकार में मंत्री हैं।


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