प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
आज 17 जुलाई को पंजाब पहुंच रहे हैं। इससे पहले वह 1 फरवरी को पंजाब में आए थे और 6 महीने से भी कम समय में यह उनका दूसरा दौरा है। पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक प्रशासनिक दौरा नहीं है बल्कि इस दौरे को भारतीय जनता पार्टी की आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ना चाहती है और इसी को लेकर पीएम मोदी आज समीकरणों को साधने की कोशिश करेंगे और समाज के कई वर्गों को खासकर दलित वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे।
फरवरी 2026 में पीएम मोदी के दौरे और अब आज के दौरे में कई समानताएं हैं। ये दोनों दौरे पंजाब की दलित राजनीति के गढ़ दोआबा में आयोजित किए गए हैं। इसके साथ ही इन दोनों के केंद्र में दलित खासकर रविदासिया समाज है। पिछले दौरे में पीएम मोदी रविदास जयंती के मौके पर इस समाज के सबसे बड़े डेरे डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे थे। इस दौरे में पीएम मोदी इसी रविदासिया समुदाय की बहुत पुरानी मांग को पूरा करने वाले हैं। पीएम आज जालंधर से वाराणसी के लिए सीधी ट्रेन की शुरुआत करेंगे।
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जालंधर, वाराणसी का दलित कनेक्शन
जालंधर पंजाब में दलितों की सबसे बड़ी आबादी वाले समुदाय रविदासिया समुदाय का प्रमुख केंद्र है। इसी जिले में रविदासिया समुदाय का मुख्य डेरा सचखंड बल्लां स्थित है। इसके साथ ही संत गुरु रविदास का जन्म वाराणसी में हुआ था। उनकी जन्मस्थल पर एक मंदिर बनाया गया है, जहां हर साल सैकड़ों पंजाबी जाते हैं। यह समुदाय लंबे समय से जालंधर से वाराणसी के लिए ट्रेन की मांग कर रहे थे। अब आज इस समुदाय की मांग पीएम मोदी पूरा करने वाले हैं। जालंधर और वाराणसी के बीच एक और ट्रेन का नाम भी 'श्री गुरु रविदास जी महाराज' एक्सप्रेस रखा गया है। 1 फरवरी को पीएम मोदी रविदासिया समाज के सबसे बड़े डेरे सचखंड बल्लां में आए थे। इसके साथ ही डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। यह सारा कुछ दलित समुदाय में सबसे ज्यादा आबादी वाले रविदासिया समुदाय को अपने पाले में करने की कोशिश है।
दोआबा पर नजर
दलित पंजाब में सबसे ज्यादा आबादी में हैं और दोआबा क्षेत्र में तो सभी 23 सीटों पर दलितों का प्रभाव है। इस क्षेत्र में जीत-हार दलित तय करते हैं। ब्यास और सतलुज नदियों के बीच स्थित इस क्षेत्र के लोग अब तक कांग्रेस पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे। जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिले इस क्षेत्र में आते हैं। पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इस क्षेत्र में एक सीट पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस पार्टी को जहां पूरे पंजाब में झटका लगा था वहीं इस क्षेत्र से पार्टी ने 23 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया था। 18 में से 10 सीटें इसी क्षेत्र से आई थी। आम आदमी पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी और अकाली दल के खाते में भी एक सीट गई थी।
बीजेपी अब इस क्षेत्र पर खास फोक्स कर रही है। इसके पीछे की मुख्य वजह यह है कि पार्टी के पास माझा में हिंदू समुदाय में अच्छा जनाधार है। अमृतसर जैसे जिलों में पार्टी के पास मजबूत नेता है। मालवा बैल्ट से भी पार्टी के पास कई दिग्गज नेता हैं और पार्टी संगठन में बड़े पदों पर इसी बैल्ट से आए नेता हैं। ऐसे में पार्टी अब दोआबा को अपना मजबूत गढ़ बनाने की कोशिश कर रही है।
ओबीसी पर नजर
इस क्षेत्र में दलित समुदाय के बाद ओबीसी समुदाय की आबादी सबसे ज्यादा है। इसमें सैनी और लुबाना जैसी ओबीसी जातियां शामिल हैं। ओबीसी वोटर्स को लुभाने के लिए पार्टी ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को इस इलाके में कमान सौंप दी है। सैनी काफी लंबे समय से इस क्षेत्र में एक्टिव नजर आ रहे हैं और कई जनसभाएं भी कर चुके है। ऐसे में बीजेपी ओबीसी और दलित का समाजिक समीकरण बनाना चाहती है और पार्टी को लगता है कि हिंदू वोटर्स पहले से उनके साथ है।
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सिख और पंजाबी पहचान
भारतीय जनता पार्टी को अब तक पंजाब से बाहर की पार्टी माना जाता रहा है और पार्टी पर एक हिंदू पार्टी का टैग लगा है। इस बार बीजेपी पश्चिम बंगाल में मिली जीत के बाद अब पंजाब में भी सरकार बनाने का सपना देख रही है। ऐसे में पार्टी ने अपनी रणनीति बदल ली है। पार्टी पंजाबी पहचान को लेकर जनता के बीच में जाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही सिख वोटर्स के लिए अब अकाली दल के भरोसे ना रहकर खुद सिख लीडर्स को आगे कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों को प्रधान बनाकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि वे अब पंजाब में बहुसंख्यक सिखों को अपने पाले में करना चाह रहे हैं। हरियाणा में पंजाबी भाषा को प्रमोट करके संदेश देने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही आज की यात्रा में भी पीएम मोदी कुरुक्षेत्र में सिख संग्राहलय का भी शिलान्यास करेंगे।

पीएम मोदी ने इस यात्रा के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी शेयर की और पंजाब चुनाव के लिए तैयारी के संकेत दे दिए। पीएम ने कहा कि मैं पंजाब में 17 जुलाई को जालंधर में बीजेपी की रैली में शामिल होने जा रहा हूं। पंजाब उम्मीद भरी नजरों से बीजेपी की और देख रहा है। पीएम ने साफ संदेश दिया है कि बीजेपी इस चुनाव में गंभीर है और आज वह खुद आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रैली कर चुनावी शंखनाद करेंगे।