पंजाब CMO में भ्रष्टाचार के आरोप, OSD, CM भगवंत, गुरप्रीत सबका नाम क्यो उछला?
विपक्ष पंजाब के राज्यपाल से मुख्यमंत्री कार्यालय में भ्रष्टाचार की CBI जांच की मांग कर रहा है। भगवंत मान के ड्राइवर से लेकर निजी अधिकारी तक रडार पर हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी गुरपरीत मान। Photo Credit: BhagwantMann/X
पंजाब में भगवंत मान सरकार पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगे हैं। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान सरकार पर एक साथ हमला बोल दिया है। तीनों विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी 'कैश फॉर ट्रांसफर' घोटाले का मुद्दा उठा रही है, कांग्रेस परिवार और मुख्यमंत्री कार्यालय तक भ्रष्टाचार पहुंचने का आरोप लगा रही है, जबकि अकाली दल ने राज्यपाल से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (
CBI
) से जांच कराने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता गौरव भाटिया ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि राज्य में अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग अब पैसे देने पर हो रहे हैं। पार्टी ने इसे 'कैश फॉर ट्रांसफर' घोटाला बताया है। गौरव भाटिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जो पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई है।
यह भी पढ़ें: 'बदला ले रहे...', ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब राघव चड्ढा का नाम, AAP पर भड़के
कौन है घोटाले का मास्टरमाइंड?
गौरव भाटिया ने दावा किया है कि इस रिपोर्ट में एक तरह का रेट कार्ड सामने आया है। किस पद पर कौन जाएगा, उसके लिए कितना पैसा लगेगा, यह पहले से तय माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन का नाम भी जुड़ा हुआ है। पार्टी का कहना है कि दलालों और बिचौलियों के मोबाइल पर गोपनीय सरकारी दस्तावेज, तबादलों की ड्राफ्ट लिस्ट और आने वाली सरकारी नीतियों की जानकारी शेयर की जा रही थी। गौरव भाटिया ने सवाल किया कि इतनी संवेदनशील जानकारी बिचौलियों तक कैसे पहुंच गई।
कई बार शिकायतें लेकिन FIR तक दर्ज नहीं
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि ED ने पंजाब पुलिस को कई बार पत्र लिखे, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई। पार्टी का दावा है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आरोप मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारी से जुड़े हैं।
यह भी पढ़ें: फिर क्यों धरने पर बैठ रहे हैं किसान, केवल MSP नहीं इन मांगों पर अटकी हैं पेंच
क्या चाहता है विपक्ष?
भारतीय जनता पार्टी ने भगवंत मान से इस्तीफा मांगा है। CBI जांच कराने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले में चुप क्यों है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उनके कार्यालय और परिवार तक पहुंच गया है।
CBI जांच की हो रही है मांग
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुखबीर बादल की अगुवाई में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। राज्यपाल से SAD ने मुख्यमंत्री कार्यालय से चल रहे कथित भ्रष्टाचार के मामले की अदालत की निगरानी में CBI जांच की मांग की है।
भगवंत मान की पत्नी का भी नाम आया?
अकाली दल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर मान ने दो अलग-अलग बलात्कार और अपहरण के मामलों को रफा-दफा करने के लिए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। पार्टी ने मुख्यमंत्री के तत्काल इस्तीफे और उनके ओएसडी और पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी दोहराई।
यह भी पढ़ें: एक महीने में 8वें राज्य में लगा प्रतिबंध, पंजाब ने भी एनालॉग पनीर पर लगाया बैन
चुनाव से पहले ही सज गई सियासी बिसात?
पंजाब में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ये आरोप सियासी माहौल को और गरमा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश में है। वहीं आम आदमी पार्टी इन आरोपों को राजनीतिक हमला बता रही है। मामला अदालत में है और आगे की जांच पर सबकी नजर है। ये आरोप अभी जांच और अदालती प्रक्रिया के अधीन हैं। सभी पक्षों ने एक-दूसरे के दावों को खारिज किया है।
SAD क्या करने वाली है?
बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल की अगुवाई में 5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव होने वाला है। इसके बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब तक भ्रष्ट सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।
ऑडियो-CCTV सबूत होने का आरोप
सुखबीर बादल, अध्यक्ष, अकाली दल:-
5 पीड़िताएं न्याय के लिए खुद मुख्यमंत्री से मिली थीं, इसके बावजूद उनकी पत्नी ने आरोपी के साथ मिलकर दो मामलों में क्लीन चिट दिलाने के लिए 5 करोड़ रुपये का सौदा किया। इसके ऑडियो और CCTV सबूत सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं। अमृतसर और मोहाली के दोनों मामलों में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई और आरोपी दो महीने के भीतर बरी हो गया।
यह भी पढ़ें: न प्यार है, न इनकार, BJP और अकाली दल की दोस्ती में गांठ खुल क्यों नहीं रही?
ED की बात कहां से आई?
ED ने 1 सितंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था। इस हलफनामे में कहा गया कि CMO को अफसरों के तबादलों-तैनातियों, सरकारी टेंडरों, हथियार लाइसेंस और जमीन मंजूरी के लिए एक तरह का बाजार बना दिया गया है।
DGP से लेकर वित्त मंत्री तक पर उठे सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ED की शिकायत के बाद भी पंजाब के DGP ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के वित्त मंत्री ने सार्वजनिक रूप से ED के इस संदर्भ को विपक्ष का हथियार बताकर खारिज कर दिया। दूसरे मामले में अकाली दल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी का नाम एक टेप में बलात्कार और अपहरण की FIR दबाने के बदले 5 करोड़ रुपये की मांग से जुड़ा सामने आया। आरोप है कि इस मामले का आरोपी जेल से रिहा होने के बाद अमेरिका भाग गया। वह एक एक मीडिया इन्फ्लुएंसर और कारोबारी है।
राज्यपाल से क्या मांग कर रहा है शिरोमणि अकाली दल?
अकाली दल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे अनुच्छेद 167 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करें और मुख्य सचिव और DGP से यह रिपोर्ट मांगें कि ED के संदर्भ पर अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं हुई। पार्टी ने यह भी मांग की है कि जिन परिस्थितियों में दो महिलाओं की बलात्कार और अपहरण की FIR रद्द हुईं और आरोपी गुरी चहल को बरी किया गया, उसकी भी जांच हो।
यह भी पढ़ें: पानी की जगह जहर पी रहे लोग! पंजाब-हरियाणा के पानी में यूरेनियम, क्यों है खतरनाक?
जिस पत्रकार ने खबर ब्रेक की, उसकी भी गई सुरक्षा
मेघा प्रसाद, एग्जीक्युटिव एडिटर, ABP न्यूज:-
2023 में पंजाब की इसी AAP सरकार ने सिक्योरिटी दी थी, क्योंकि उस समय पंजाब पुलिस को खालिस्तानी तत्वों और पंजाब के गैंगस्टरों से उनकी जान को खतरा होने की गंभीर जानकारी मिली थी। ऐसे कदम हमें रोक नहीं पाएंगे। हम बिना किसी समझौते के पत्रकार के तौर पर अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे और किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।
https://twitter.com/MeghaSPrasad/status/2095466422461931554
ABP न्यूज की एग्जीक्युटिव एडिटर मेघा प्रसाद ने X पर दावा किया , 'जगविंदर पटियाल ने एक सनसनीखेज खबर ब्रेक की थी कि पंजाब के CM के OSD राजबीर सिंह और उनके साथी ट्रांसफर-पोस्टिंग, CLU, टेंडर अलॉटमेंट, हथियारों के लाइसेंस और सरकारी नीतियों से जुड़े गोपनीय मामलों में भ्रष्टाचार का एक नेटवर्क चला रहे हैं। इस खबर के सामने आने के 24 घंटे से भी कम समय में उनकी Y+ सिक्योरिटी हटा ली गई।'
और पढ़ें
Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies
CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | EDITORIAL POLICY | Sitemap




