बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने का नोटिस भेजा गया, जिसे लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुलकर लालू परिवार के समर्थन में उतर आए हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से यह फैसला वापस लेने की अपील की है। इसके अलावा पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। पप्पू यादव ने इस मामले पर मीडिया कर्मियों से बातचीत की, जहां उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की सदस्य नहीं हैं, बल्कि बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए सम्मान और मातृत्व का प्रतीक हैं।
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह सरकारी आवास राबड़ी देवी को रहने के लिए दिया जाना चाहिए या फिर उन्हें कोई दूसरा आवास उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद पप्पू यादव ने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से लिया गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करता है। इसके अलावा पप्पू यादव ने यूजी पेपर लीक मामले को लेकर भी अहम बातें कीं। साथ ही रिशु श्री मामले में भी कई बड़े खुलासे करने का दावा किया।
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'सत्ता स्थायी नहीं, अहंकार छोड़िए'
पप्पू यादव ने कहा कि सत्ता किसी के पास हमेशा नहीं रहती। आज जो लोग सरकार में हैं, कल वे भी पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री कहलाएंगे। इसलिए राजनीति में बदले की भावना और अहंकार की जगह संवेदनशीलता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में राजनीतिक संवाद का स्तर चिंताजनक रूप से गिरा है।
चर्चित रिशु श्री मामले को लेकर भी पप्पू यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रिशु श्री से जुड़ी लगभग 15 कंपनियों ने सरकारी कार्य और ठेके लिए हैं। उनका आरोप था कि जांच को सीमित दायरे में रखकर कुछ लोगों तक ही जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जा रही है, जबकि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर मामले की तह तक जाना है तो उन सभी प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिनका इन कंपनियों से किसी भी रूप में संबंध रहा है।
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पप्पू यादव ने दावा किया कि ईडी ने नगर विकास विभाग से इन कंपनियों को दिए गए टेंडरों की जानकारी मांगी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जांच पारदर्शी है तो अब तक संबंधित जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उनके अनुसार, जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी ठेकों का लाभ किन लोगों और कंपनियों को मिला।
एक सप्ताह में करेंगे बड़े नामों का खुलासा
सांसद पप्पू यादव ने संकेत दिया कि इस मामले में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि एक सप्ताह के भीतर वे उन लोगों के नामों का खुलासा करेंगे। इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पप्पू यादव ने कहा कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
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पेपर लीक और कोचिंग माफिया पर भी बरसे
यूजी सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर भी पप्पू यादव ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उनके अनुसार, जब तक प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन और कोचिंग नेटवर्क पर कड़ी निगरानी नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा। पप्पू यादव के इन बयानों ने एक साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।