उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी अखाड़ा सजने लगा है। गुरुवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया और चुनाव से पहले अपनी सहयोगी बीजेपी को आगाह किया। संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी को आरक्षण देना ही होगा, नहीं तो उसे भी अन्य पर्टियों की तरह धोखा खाना पड़ेगा। संजय निषाद ने हुंकार भरते हुए कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि हमारा अधिकार है।
चुनाव से पहले मंत्री संजय निषाद ने मछुआरा समाज के लिए एससी आरक्षण की मांग तेज कर दी है। उन्होंने मझवार और तुरैहा को भी एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग की। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'इतिहास साक्षी है कि पिछली सरकारों ने दशकों तक हमारे समाज के साथ केवल विश्वासघात किया। हमारे ही वोट से सत्ता का सुख तो भोगा, किंतु 'संवैधानिक मछुआ एससी आरक्षण' के हमारे अधिकार को हमेशा फाइलों में उलझाकर छलावा किया। जब निषाद समाज ने अपनी संगठित शक्ति दिखाई तो उन धोखेबाज सरकारों को सत्ता से बेदखल कर दिया और आज वर्तमान सरकार को बनाने में अपनी निर्णायक भूमिका निभाई है।
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'बीजेपी भी खाएगी धोखा'
तालकटोरा स्टेडियम में अपने संबोधन में संजय निषाद ने कहा, 'मछुआरों की 18% आबादी है। इनके बच्चों का आरक्षण उच्च जातियों को 10 प्रतिशत दिया। महिलाओं को 33 फीसद दिया। हर हालत में भारतीय जनता पार्टी को किसानों-मछुआरों को आरक्षण देना ही होगा। नहीं होगा तो आप समझ लेना कि भारतीय जनता पार्टी का।' संजय निषाद ने समर्थकों से पूछा कि जिन पार्टियों ने निषादों को धोखा दिया, उसने धोखा खाया कि नहीं खाया? अगर तुम्हारा आरक्षण बीजेपी लागू नहीं करेगी तो धोखा खाएगी या नहीं? जवाब में समर्थकों ने हां में उत्तर दिया।
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दिल्ली दूर नहीं, जनता आई तो पसीना छूट जाएगा: संजय निषाद
संजय निषाद आगे कहते हैं कि दिल्ली दूर नहीं है। अभी तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए हैं। जिस दिन जनता कूच करेगी। उस दिन सबका पसीना छूट जाएगा। यह निषादराज के वंशज है। संजय निषाद ने सपा अध्यक्ष
अखिलेश यादव
से भी मछुआरों को एससी आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। अपने संबोधन में मंत्री ने बीजेपी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह नहीं चाहते हैं कि गठबंधन को नुकसान पहुंचे। उन्होंने बीजेपी से आरक्षण मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेने को कहा।