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'3 नहीं 403 सीटों पर है हमारी नजर', तीसरा कैंडिडेट नहीं उतारेंगे अखिलेश यादव?

राज्यसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन अखिलेश यादव ने एक पोस्ट में लिखा है कि उनका ध्यान 3 पर नहीं 403 पर है। माना जा रहा है कि अब सपा अपना तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

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अखिलेश यादव, Photo Credit: PTI

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समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो कैंडिडेट उतारे हैं। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कुल 8 कैंडिडेट उतारे हैं। आज नामांकन का आखिरी दिन है और उम्मीद की जा रही है कि समाजवादी पार्टी तीसरा कैंडिडेट उतारेगी। इस बीच सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने एक पोस्ट में लिखा है कि अब उनकी नजर 3 पर नहीं 403 पर है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब शायद सपा अपना तीसरा उम्मीदवार ही ना उतारे। इससे पहले, अखिलेश यादव ने कहा था कि संख्या का जुगाड़ किया जा रहा है और जैसे ही नंबर हो जाएंगे तो तीसरा कैंडिडेट उतार दिया जाएगा।

 

इसी बारे में जब समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नामांकन 3 बजे तक खुला है और अगर पार्टी फैसला लेगी तो जरूर नामांकन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह साफ कुछ नहीं कह सकते हैं। दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल होने के सवाल पर राम गोपाल यादव ने कहा कि ने इससे ज्यादा जरूरी तो कुछ है नहीं।

अखिलेश ने बढ़ाया सस्पेंस 

आज नामांकन का आखिरी दिन है और अखिलेश यादव INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल होने के लिए दिल्ली आ गए हैं। उन्होंने अपने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा है, ‘अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।’ बता दें कि अखिलेश यादव की सपा ने राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, बीजेपी ने सभी मौजूदा सांसदों के टिकट काटकर 8 नए चेहरों को राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया है। अगर सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा जाता है तो सभी 10 सांसद निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। 

 

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बीजेपी के उम्मीदवारों में यूपी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह के अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह और श्रुति गंगवार शामिल हैं। इन आठ उम्मीदवारों में दो महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि अति पिछड़े वर्ग को सबसे अधिक भागीदारी मिली है। बीजेपी ने तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति (दलित), दो ब्राह्मण और एक क्षत्रिय बिरादरी के नेताओं को उम्मीदवार बनाया है।

क्या हैं समीकरण?

बता दें कि राज्यसभा चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर होते हैं। इस व्यवस्था में किसी विजयी उम्मीदवार को मिले अतिरिक्त मत उसके बाद बचे उम्मीदवारों को मतदाताओं की दूसरी पसंद के आधार पर स्थानांतरित किए जाते हैं। दोनों पक्षों के नेताओं ने कहा है कि यदि चुनाव मैदान में 10 से अधिक उम्मीदवार होते हैं तो मुकाबला पूरी तरह चुनावी तकनीकी पहलुओं और रणनीतिक योजना पर निर्भर हो जाएगा।

 

यह भी पढ़ें: UP राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की लिस्ट, किन 8 नामों पर लगी मोहर?

 

हाल में फतेहाबाद से बीजेपी विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में बीजेपी की अगुवाई वाले गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 288 रह गई है। इस गठबंधन में बीजेपी के 255 विधायक, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल के 9, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं।</p><p> समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं, जिनमें 101 समाजवादी पार्टी के हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो विधायक हैं, जबकि तीन विधायक किसी भी दल से संबद्ध नहीं हैं।


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