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ममता बनर्जी को बर्दाश्त नहीं बगावत, सायोनी घोष और माला रॉय को पद से हटाया

तृणमूल कांग्रेस में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब सायोनी घोष और माला रॉय जैसे नेताओं पर बगावत के बाद कार्रवाई हुई है।

Sayoni Ghosh

तृणमूल कांग्रेस की नेता सायोनी घोष। Photo Credit: Sayoni Ghosh

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पहले राज्य की सत्ता गई, अब पार्टी ही बिखर गई है। ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के साथ पार्टी पर ही कब्जा जमाया तो दूसरी तरफ 20 सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया। बगावत करने वाले लोगों में ममता बनर्जी की सबसे चहेती युवा सांसद सायोनी घोष भी शामिल हैं। 

सायोनी घोष और माला रॉय की बगावत से टूट चुकीं ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपने संघठन में बदलाव किया है। पहले अभिषेक बनर्जी के पर कतरे गए थे, अब एक बार फिर उन बदलावों को भी पलट दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस ने सायोनी घोष और माला रॉय को पदमुक्त कर दिया है। 

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सायोनी घोष का पद छीन लिया गया 

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को सांसद सायोनी घोष को पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष पद से हटा दिया और उनकी जगह युवा नेता अर्णब बनर्जी को नियुक्त किया गया है। 

माला राय ने भी गंवाया अपना पद

पार्टी ने महिला संगठन तृणमूल महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी बदलाव किया है। कोलकाता दक्षिण से सांसद माला राय की जगह नदिया जिले के कालिगंज से विधायक अलीफा अहमद को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

क्यों गिरी है गाज?

सायोनी घोष और माला राय दोनों को उन तृणमूल सांसदों के उस समूह का हिस्सा माना जा रहा है, जिन्होंने हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। पार्टी में चल रही उथल-पुथल के बीच बागी सांसदों ने घोषणा की है कि वे सोमवार को ओम बिरला से मुलाकात कर एक पत्र सौंपेंगे, जिसमें उन्हें वास्तविक तृणमूल के तौर पर मान्यता देने की मांग की जाएगी।

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दिल्ली पहुंच गईं हैं सायोनी घोष

सायोनी घोष दिल्ली एयरपोर्ट पर नजर आईं हैं। वह अब ओम बिरला से सोमवार को मुलाकात कर सकती हैं। वह भी उसी बागी गुट का हिस्सा हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ अलग नेतृत्व का मोर्चा खोल रखा है। नतीजों के बाद भी वह ममता बनर्जी की सबसे करीबी बनीं रहीं लेकिन अचानक उन्होंने पाला बदला। अब वह एनडीए के समर्थन करते नजर आ सकती हैं। 

सायोनी का झटका बर्दाश्त नहीं कर पाईं ममता?

हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे चुनावी कैंपेन में ममता बनर्जी के बाद अगर किसी महिला नेता की सबसे ज्यादा चर्चा हुई तो वह सायोनी घोष थीं। उन्हें पार्टी, अपने भविष्य के तौर पर देख रही थी। वह सेक्युलर मोर्चे की बड़ी आवाज बन रहीं थी। उनके काबा वाले गाने पर खूब हंगामा भी हुआ था। अब वह एनडीए के साथ नजर सकती हैं। महुआ मोइत्रा ने कहा था कि उन्हें यकीन नहीं था कि सायोनी घोष ऐसा कर सकती हैं, उन्हें ममता बनर्जी बेटी की तरह मानती थीं।

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