पुणे नगर निगम (PMC) के चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को एक जनसभा में बीजेपी और अजित पवार की एनसीपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुणे शहर को गुंडों का शहर बता दिया। संजय राउत ने दावा किया कि एक जमाने में पुणे खूबसूरत शहर हुआ करता था लेकिन अब गुंडों का शहर है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अजीत पवार और भारतीय जनता पार्टी नेताओं की वजह से शहर में गुंडागर्दी बढ़ गई है।
संजय राउत ने यह भी दावा किया कि पुणे में बीजेपी और नेशलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजीत गुट) सिर्फ गुंडागर्दी की वजह से चुनाव जीतती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी और एनसीपी ने गुंडों और आतंकियों के रिश्तेदारों को चुनाव में टिक दिया है। संजय राउत ने कहा कि अगर दाऊद इब्राहिम से इनकी मुलाकात होती है तो ये लोग उसे रिश्तेदारों को भी टिकट बांट सकते हैं।
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'पुणे गुंडों का शहर है'
संजय राउत ने कहा, 'पुणे पहले एक खूबसूरत शहर था, अब यह गुंडों का शहर है। बीजेपी और अजित पवार की पार्टी बिना गुंडागर्दी के चुनाव नहीं जीत सकती। इन पार्टियों ने कई गैंगस्टरों के रिश्तेदारों को टिकट दिए हैं। अगर ये लोग दाऊद इब्राहिम से मिलते तो उसके भाई या रिश्तेदारों को भी टिकट दे देते। ये लोग छोटा शकील या छोटा राजन को भी टिकट दे सकते हैं।'
पुणे के बारे में ऐसा क्यों कह रहे संजय राउत?
पुणे नगर निगम चुनावों के लिए मुंबई पुलिस के सामने चरित्र प्रमाणपत्र के लिए करीब 2650 लोगों ने आवेदन दिया था। चुनाव लड़ने के लिए यह सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इनमें से 1,560 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर किसी न किसी तरह का अपराध दर्ज है। करीब 59 फीसदी लोगों पर किसी न किसी तरह का क्राइम दर्ज है। इनमें से सिर्फ 60 पर गंभीर अपराध दर्ज हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 20 उम्मीदवारों पर फर्जीवाड़ा, फिरौती और मारपीट जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि 1,500 लोगों पर सिर्फ राजनीतिक या आंदोलन करने की वजह से केस दर्ज हैं। ये लोग पानी, सड़क, गड्ढे जैसे सिविक मुद्दों के लिए प्रोटेस्ट करते हुए पकड़े गए थे। पुणे नगर निगम में कुल 1,165 उम्मीदवार उतरे हैं।
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20 उम्मीदवारों पर नजर रखेगी पुलिस
पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने ऑर्डर दिया है कि 20 गंभीर अपराधी उम्मीदवारों पर पुलिस नजर रख रही है। पुलिस यह नजर रख रही है कि ये लोग वोटरों को धमका तो नहीं रहे हैं। उन्हें सशर्त बेल दी गई है। पुलिस इस पर भी नजर रख रही है कि बेल की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं। पुलिस ने साफ कहा कि अगर कोई कैंडिडेट चुनाव के दौरान कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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महाराष्ट्र में कब हैं नगर निगम चुनाव?
महाराष्ट्र में 15 जनवरी 2026 को 29 नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं। वोटिंग के लिए राज्यभर में छुट्टी का एलान किया गया है। बीएमसी में 227 वार्डों पर 1700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।