logo

मूड

ट्रेंडिंग:

Ganesh Visarjan 2026: किस समय करें गणेश विसर्जन? सही मुहूर्त जान लीजिए

आज के दिन पूरे देश में अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जा रहा है। जहां सभी भक्त गणेश भगवान की मूर्ति का विसर्जन करेंगे। गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए 4 मुहूर्त सबसे शुभ हैं।

Ganesh Visarjan

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

इस साल पूरे 12 दिनों बाद गणेश उत्सव समाप्त होगा। जहां आज ठीक 12 दिन पहले गणेश चतुर्थी से यह उत्सव शुरू हुआ था, वहीं आज गणेश उत्सव का आखिरी दिन है, जब सभी भक्त गणेश भगवान की प्रतिमा को विसर्जित कर विदा करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्तों ने जिस प्रकार गणेश चतुर्थी में उत्सव मनाते हुए अपने घर गणेश भगवान का स्वागत किया था, उसी प्रकार आज भक्तों को खुशी से गणेश भगवान को विदा करना चाहिए। आज के दिन सुबह से रात तक 4 शुभ मुहूर्त हैं, जब व्यक्ति को गणेश भगवान की प्रतिमा को जल में विसर्जित करना चाहिए।

 

हिन्दू पंचांग के अनुसार आज भादो महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस वजह से आज के दिन पूरे देश में अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जा रहा है। आज के दिन सभी लोगों को विधिवत तरीके से गणेश भगवान की पूजा करनी चाहिए। उसके बाद विधि-विधान के अनुसार गणेश भगवान की प्रतिमा का साफ जल में विसर्जन करना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: हिन्दू के अलावा किन धर्मों में भी निभाई जाती है पूर्वजों को याद करने की परंपरा?

विसर्जन का शुभ समय

अनंत चतुर्दशी के दिन 4 ऐसे मुहूर्त हैं, जो बेहद शुभ हैं। इसी दौरान भक्तों को गणेश भगवान की मूर्ति का विसर्जन करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, शुभ समय में मूर्ति विसर्जित करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

 

हिन्दू पंचांग के अनुसार गणेश भगवान की प्रतिमा को विसर्जित करने का सबसे पहला मुहूर्त सुबह 7:41 से लेकर 9:11 बजे तक था। दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 9:11 से लेकर 10:42 बजे तक था। इसके बाद तीसरा मुहूर्त 12:12 बजे से लेकर 1:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद चौथा शुभ मुहूर्त रात 9:14 से लेकर 10:44 बजे तक रहेगा।

 

यह भी पढ़ें: क्या हर पर्व-त्योहार में व्रत और पूजा-पाठ करने से मिलता है मोक्ष?

 

हिन्दू पंचांग के मुताबिक 25 सितंबर की रात 11 बजकर 7 मिनट से भद्रा शुरू होगी। जिसके साथ ही चतुर्दशी तिथि समाप्त हो जाएगी। तो ऐसे में व्यक्ति को रात के 11:07 बजे से पहले गणेश भगवान की प्रतिमा का विसर्जन कर देना चाहिए।

कैसे करें गणेश विसर्जन?

1.अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह-सुबह पूरे परिवार को पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान गणपति के समक्ष नारियल न अर्पित करें।

 

2.गणेश भगवान की पूजा-पाठ के बाद व्यक्ति एक साफ चौकी पर चंदन से स्वास्तिक बनाएं। उसके बाद चौकी पर अक्षत रखें। फिर साफ कपड़ा चौकी पर बिछा दें।

 

3.इसके बाद व्यक्ति को गणपति बप्पा की मूर्ति को चौकी पर रखना चाहिए। इस दौरान पूरे परिवार को 'गणपति बप्पा मोरया' का जयकारा लगाना चाहिए।

 

यह भी पढ़ें: अनंत चतुर्दशी के दिन होगा गणपति जी का विसर्जन, शुभ मुहूर्त से लेकर जान लें नियम

 

4.चौकी पर स्थापित करने के बाद भक्तों को भगवान की आरती करनी चाहिए। इस दौरान पूरे परिवार और आस-पड़ोस के लोग मिलकर आरती करें तो बेहद शुभ माना जाएगा। शुभ मुहूर्त देखते हुए भक्तों को पूरे परिवार संग गणपति जी की प्रतिमा को ले जाना चाहिए।

 

5.जिस नदी में साफ पानी हो, वहां गणेश भगवान की मूर्ति ले जाकर विसर्जित करना चाहिए। मूर्ति विसर्जित करते वक्त व्यक्ति को भगवान से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।


नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

Related Topic:#Vrat Tyohar

और पढ़ें