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दिवाली में होती है तंत्र पूजा, क्या दूसरे धर्मों में तंत्र साधना का है विधान?

दिवाली पर्व में कई लोग तंत्र पूजा करते हैं। यह पूजा रात के 12 बजे के बाद शुरू होती है। हिंदू धर्म के अलावा किन धर्मों में तंत्र साधना का विधान है, यहां जानिए।

tantra puja

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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दिवाली जहां एक तरफ रोशनी, उत्सव और खुशियों का त्योहार है। इस पर्व पर शाम को सभी परिवार के साथ मिलकर मां लक्ष्मी की पूजा-पाठ करते हैं, ताकि मां के आशीर्वाद से लोगों के घर में सुख, शांति और समृद्धि का निवास हो। वहीं दूसरी तरफ दिवाली का पर्व तंत्र पूजा करने के लिए बेहद खास माना जाता है। कई लोग दिवाली की रात तंत्र-मंत्र और साधना करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि हिंदू धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म नहीं है, जहां तंत्र साधना का विधान है, बल्कि दूसरे धर्मों में भी तंत्र साधना की जाती है।

 

दिवाली के अलावा कई पर्वों पर लोग तांत्रिक पूजा करते हैं। हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथ अथर्ववेद और ऋग्वेद में बताया गया है कि तंत्र साधना का उपयोग लोग खुद को दूसरों की बुरी नजर से बचाने के लिए करते हैं। तंत्र साधना केवल संयमी व्यक्ति ही कर सकता है। हिंदू धर्म के अलावा ईसाई और बौद्ध धर्म में भी तंत्र साधना का विधान है। आइए जानते हैं कि इन धर्मों में तंत्र को लेकर क्या मान्यता है।

 

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दिवाली की रात कैसे होती है तंत्र साधना?

दिवाली का त्योहार कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस वजह से लोग इस पर्व पर तंत्र पूजा करते हैं। यह तंत्र पूजा दिवाली से 4 दिन पहले शुरू होती है, यानी तांत्रिक पूजा पूरे पांच रातों तक की जाती है। इस पूजा की शुरुआत रात के 12 बजे के बाद होती है, जिसे लोग श्मशान के पास करते हैं।

 

तांत्रिक क्रिया में लोग अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए गुप्त मंत्रों के जरिए मां काली, मां लक्ष्मी और भैरव जी की पूजा करते हैं। कई लोग अपने स्वार्थ को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उल्लू की बलि देते हैं। जो लोग दूसरों के विनाश के लिए तंत्र पूजा करते हैं, उनके बारे में गरुड़ पुराण के मुताबिक कहा जाता है कि वह व्यक्ति अगले जन्म में प्रेत योनि में जाता है।

 

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किन धर्मों में है तंत्र साधना का विधान?

ईसाई धर्म

ईसाई धर्म में तांत्रिक साधना को विचक्राफ्ट (Witchcraft) कहते हैं, जिसमें रहस्यमयी मंत्रों के जरिए लोग अपनी इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं। तांत्रिक साधना को लेकर बाइबल में भी बताया गया है। इसमें लिखा है कि कोई भी व्यक्ति तांत्रिक पूजा के जरिए दूसरों को हानि पहुंचाता है, तो वह पूरी तरह से ईसा मसीह से दूर चला जाता है। यानी ईसाई धर्म में तांत्रिक पूजा न करने की सलाह दी गई है।

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा में तांत्रिक साधना का विधान पाया जाता है। यह साधना तिब्बत, नेपाल और जापान में रहने वाले लोग करते हैं। इस साधना को सकारात्मक उद्देश्यों के लिए अपनाया जाता है। वज्रयान की तांत्रिक साधना में लोग प्रतीकात्मक देवता की कल्पना करते हैं, फिर देवता के गुणों को अपने भीतर बसाने की कोशिश करते हैं।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

 

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