दिवाली पर सभी लोग दीयों और लाइट की रोशनी में जश्न मनाते हैं। इस दिन हर तरफ दीयों की रोशनी जगमगाती है। हिंदू धर्म के लाखों लोग इस दिन परिवार और दोस्तों को मिठाइयां और तोहफे देकर खुशियां बांटते हैं। पूरी दुनिया में हिंदू धर्म अकेला ऐसा धर्म नहीं है, जहां हर तरफ दीयों से त्योहार मनाया जाता है, बल्कि पारसी और यहूदी धर्म में भी दिवाली जैसे अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं।
इस साल 8 नवंबर को पूरे देश और दुनिया में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान राम वनवास से अयोध्या लौटे थे। उनके लौटने की खुशी में इस दिन लोग अपने घरों के बाहर दीये जलाते हैं। इसके साथ ही लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं, ताकि सभी भक्तों पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे। इसी तरह अलग-अलग मान्यताओं के आधार पर यहूदी धर्म में हनुक्का त्योहार मनाया जाता है, जिसमें पूरा देश रोशनी से जगमगा उठता है। इसके अलावा पारसी धर्म त्योहार मनाया जाता है, जिसे रोशनी से जुड़ा त्योहार माना जाता है।
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क्या दिवाली जैसा है हनुक्का त्योहार?
जिस प्रकार हिंदू धर्म में भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी मनाई जाती है, उसी प्रकार यहूदियों ने सालों पहले मैकाबियन विद्रोह में ग्रीक-सीरियाई शासकों से युद्ध किया और उन्हें यरूशलेम से बाहर निकाल दिया। इसी जीत की खुशी में हनुक्का त्योहार मनाया जाता है। हनुक्का के दिन इजरायल में रहने वाले लोग मोमबत्तियों और लाइट से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को रोशन रखते हैं।
यह त्योहार सिर्फ एक दिन नहीं मनाया जाता, बल्कि 8 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान हर दिन रोशनी करने की परंपरा निभाई जाती है। इस त्योहार में यहूदी धर्म के सभी लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं।
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नवरोज
नवरोज पारसी धर्म में मनाया जाने वाला त्योहार है। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। इस दौरान लोग खुले आसमान के नीचे आग जलाते हैं। इसके साथ ही इस रात सभी लोग अपने घरों को भी रोशन रखते हैं। जिस प्रकार हिंदू धर्म के सभी लोग दिवाली के दिन घर की सफाई का खास ख्याल रखते हैं, उसी प्रकार पारसी धर्म के लोग नवरोज त्योहार मनाने से पहले घर की सफाई करते हैं। इसके बाद घर के दरवाजों को सुंदर तरीके से सजाते हैं। नवरोज त्योहार की यह परंपरा दिवाली के त्योहार जैसी ही है।
नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।