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क्या है इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर का इतिहास? दर्शन करने पहुंचे PM मोदी

इंडोनेशिया में 1000 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर है। इस मंदिर में 8 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गए थे। जानिए इस मंदिर की खासियत क्या है। साथ ही जानिए मंदिर की स्थापना किस वजह से की गई थी।

Prambanan Temple

प्रम्बानन मंदिर, Photo Credit- PTI

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इस समय इंडोनेशिया का 1000 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर सुर्खियों में है, जहां आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गए। प्रम्बानन मंदिर न सिर्फ इंडोनेशिया की ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि हिंदू धर्म के लोगों के लिए भी बेहद खास मंदिर है। इस मंदिर में सनातन धर्म के तीनों देवों की पूजा होती है। यहां एक तरफ भगवान शिव की पूजा होती है, वहीं मंदिर के दक्षिण दिशा में भगवान विष्णु और उत्तर दिशा में ब्रह्मा जी की मूर्ति विराजमान है।


प्रम्बानन मंदिर की स्थापना लगभग 9वीं सदी में मतारम साम्राज्य के शासक ने कराई थी। हालांकि, मंदिर की नींव संजया राजवंश के राजा ने रखवाई थी लेकिन वह मंदिर का निर्माण पूरा नहीं करा पाए थे। इस मंदिर का संस्कृत नाम शिवगृह है, जिसका अर्थ शिव का घर है। अब सवाल उठता है कि इस मंदिर की खासियत क्या है?

 

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शिवरात्रि के दौरान मंदिर में होता है उत्सव


इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया से कई लोग प्रम्बानन मंदिर के दर्शन करने आते हैं, खासकर हिंदू धर्म के लोग तीनों देवों के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका डिजाइन बेहद खूबसूरत है। प्रम्बानन मंदिर में हर दिन पुजारी विधिवत पूजा-पाठ करते हैं। वहीं, शिवरात्रि के दौरान मंदिर के आसपास भव्य उत्सव मनाया जाता है। इस पर्व के दौरान देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के दर्शन करने आते हैं।

 


मंदिर की स्थापना के बाद मतारम साम्राज्य के राजा ने इसे धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र बना दिया, जो आज के दौर में इंडोनेशिया का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है।

 

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 प्रम्बानन मंदिर की स्थापना?


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब प्रम्बानन मंदिर की स्थापना हुई थी, उस दौरान इंडोनेशिया में बौद्ध धर्म का खास प्रभाव था। इसी वजह से मतारम साम्राज्य के राजा ने हिंदू धर्म की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए इस मंदिर की स्थापना कराई थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर को एकता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

photo credit- pti


कैसा है मंदिर का डिजाइन?


मंदिर की हर दीवार और रेलिंग पर बेहद खास डिजाइन की गई है। रेलिंग पर बारीक चित्रकारी की गई है, जिसे न सिर्फ सजावट के लिए बनाया गया, बल्कि धार्मिक शिक्षा देने के उद्देश्य से भी तैयार किया गया। मंदिर की दीवारों और रेलिंग पर की गई वास्तुकला के जरिए रामायण की कई कहानियों को दर्शाया गया है, जिन्हें देखकर श्रद्धालु रामायण की कथाओं को समझ सकते हैं। इसके अलावा मंदिर में रात के समय रामायण का मंचन भी किया जाता है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।


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