भारतीय तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रिथिका प्रदीप और चिकिथा तनीपार्थी की तिकड़ी वाली महिला कंपाउंड टीम को वर्ल्ड कप के स्टेज 4 में सिल्वर से संतोष करना पड़ा है। शनिवार (11 जुलाई) को महिला कंपाउंड टीम फाइनल में कोलंबिया से 228-232 से हार गई, जिससे उसे सिल्वर मिला। इस सिल्वर के साथ भारत ने सीजन के अंतिम टूर्नामेंट में अपना खाता खोला। भारतीय दल को दिन में बाद में होने वाले मुकाबलों में मेडल की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।
महिला कंपाउंड टीम रैंकिंग में दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम ने अप्रैल में मैक्सिको के पुएब्ला में आयोजित तीरंदाजी वर्ल्ड कप के पहले स्टेज में गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि इस बार वह दुनिया की 14वें नंबर की कोलंबियाई टीम के सामने कोई खास चुनौती पेश नहीं कर सकी। कोलंबियाई टीम ने शानदार वापसी करते हुए पूरे दबदबे के साथ खिताब अपने नाम किया।
17 साल की प्रिथिका ने छह बार 10 अंक का निशाना लगाया। हालांकि टीम की सबसे बड़ी निराशा अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम के खराब प्रदर्शन से हुई, जिन्होंने अपने आठ तीरों में केवल तीन बार 10 अंक हासिल किए, जिससे भारत मुकाबले में अच्छी चुनौती नहीं दे सका।
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कोलंंबिया की ओर से इस तीरंदाज ने किया कमाल
कोलंबिया की ओर से अलेजांद्रा उस्कियानो ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार आठ बार 10 अंक का निशाना साधा और यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर साबित हुआ। दुनिया की सातवें नंबर और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सारा लोपेज का प्रदर्शन अपेक्षाकृत उतार-चढ़ाव भरा रहा लेकिन उस्कियानो की शानदार तीरंदाजी की बदौलत कोलंबिया पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहा।
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डबल मेडल की रेस में ये भारतीय खिलाड़ी
प्रिथिका ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत इवेंट के सेमीफाइनल में भी जगह बना ली है और अब उन्हें एक और मेडल जीतने के लिए केवल एक और जीत की जरूरत है। भारत रिकर्व वर्ग में भी दो मेडल्स की दौड़ में बना हुआ है। कीर्ति शर्मा भी डबल मेडल जीतने की रेस में हैं। कीर्ति शर्मा रिकर्व मिक्स्ड टीम के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में भारत के नंबर एक तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा के साथ उतरेंगी। साथ ही कीर्ति महिला व्यक्तिगत इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं तो एक और जीत से उनका एक और मेडल सुनिश्चित हो जाएगा।