एशियन गेम्स 2026 जापान के आइची-नागोया में आयोजित होना है। इस कॉन्टिनेंटल कम्पटीशन की शुरुआत 19 सितंबर से होगी और यह 4 अक्टूबर तक चलेगी। आगामी एशियन गेम्स में भारत को रेसलिंग में अमन सहरावत और अंतिम पंघाल से गोल्ड की उम्मीदें हैं। ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट अमन ने ट्रायल्स में राहुल देसवाल को हराकर आइची-नागोया का टिकट कटाया है। वहीं अंतिम ने ट्रायल्स के फाइनल में मीनाक्षी गोयत को पटखनी देखर एशियन गेम्स में जगह पक्की की।
अमन से क्यों है उम्मीद?
23 साल के अमन सहरावत 57 किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट में उतरेंगे। वह भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। अमन ने पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह रेसलिंग में ओलंपिक मेडल जीतने वाले सबसे युवा रेसलर हैं। अमन ने हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज अपने नाम किया था।
उन्होंने हाल ही में बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज में गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट में जॉर्जिया के निकोलोज बोचोरिशविली के खिलाफ 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज कर अपने अभियान आगाज किया और फिर क्वार्टर-फाइनल में कजाकिस्तान के ओलंपियन मेइरामबेक कार्तबे को 10-3 से हराया।
अमन ने सेमीफाइनल में अमन ने अजरबैजान के मौजूदा यूरोपियन चैंपियन इस्लाम बाजारगानोव को 11-0 से मात दी और फाइनल में जॉर्जिया के रॉबर्ट डिंगाशविली को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 13-3 से पटखनी दी। उन्होंने 4 में से 3 मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीते। अमन बेहतरीन फॉर्म में हैं और उनके पास बड़े मुकाबलों का अनुभव भी है, जिससे वह 57 किग्रा वर्ग में मेडल के बड़े दावेदार हैं।
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अंतिम पंघाल मेडल का रंग बदलेंगी?
22 साल की महिला रेसलर अंतिम पंघाल ने भी हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह इस बार मेडल का रंग बदलने के इरादे से उतरेंगी। अंतिम दो बार अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। साथ ही वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में दो बार ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं। आइची-नागोया में अंतिम के सामने मजबूत प्रतिद्वंद्वी होंगे लेकिन बड़े मंच का अनुभव उन्हें बाकी रेसलर्स से आगे रखता है।
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और कौन-कौन मेडल का दावेदार है?
दीपक पूनिया 97 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने 86 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। दीपक इस बार अलग वजन वर्ग में उतर रहे हैं। वजन वर्ग बदलने के बाद उनके लिए चुनौती बड़ी है लेकिन अनुभव उनके पक्ष में रहेगा। 65 किग्रा वर्ग में सुजीत कलकल से भी उम्मीदें हैं। वहीं 74 किग्रा वर्ग में सागर जगलान मेडल के दावेदार हैं।
महिला वर्ग में अंतिम के अलावा निशा दहिया और मानसी अहलावत से मेडल की उम्मीदें हैं। निशा दहिया 68 किग्रा, जबकि मानसी 62 किग्रा वर्ग में भारतीय चुनौती पेश करेंगी। युवा प्रिया मलिक (76 किग्रा) के लिए भी यह खुद को बड़े मंच पर साबित करने का मौका है।