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टी20 वर्ल्ड कप हार गए लेकिन कमियां नहीं सुधरी, हरमन की कप्तानी कब तक झेलेगी टीम?

विमेंस टी20 एशिया कप में थाईलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भी भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर बिखर गया। फिनिश भी अच्छा नहीं मिला। टीम इंडिया जीत तो गई लेकिन पुरानी कमियां उजागर हो गईं।

Harmanpreet Kaur Deepti Sharma Smriti Mandhana

थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना, Photo Credit: BCCI Women/X

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ACC विमेंस टी20 एशिया कप में टीम इंडिया ने विजयी आगाज किया लेकिन थाईलैंड जैसी कमजोर टीम के खिलाफ उसकी कमियां उजागर हो गईं। शेफाली वर्मा की ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारतीय टीम 9 ओवर में 91 रन तक पहुंच गई थी। उसके विकेट भी 2 ही गिरे थे लेकिन टीम आखिरी 11 ओवर में सिर्फ 69 रन ही बना पाई। मिडिल ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया, जिसके चलते टीम इंडिया बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।

 

स्मृति मंधाना और शेफाली की सलामी जोड़ी ने 3 ओवर में 38 रन बटोर लिए थे। टीम की उप-कप्तान स्मृति 10 गेंद में 4 चौकों की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुईं। इसेक बाद शेफाली और डेब्यूटंट प्रतिका रावल ने दूसरे विकेट के लिए 6 ओवर में 58 रन की तेज साझेदारी की। इसमें प्रतिका का योगदान सिर्फ 22 रन का था, जिसके लिए उन्होंने 18 गेंदें ली। शेफाली एक छोर से लगातार बड़े शॉट खेल रही थीं। ऐसे में प्रतिका का 91 के कुल स्कोर पर आउट होना भारतीय टीम को उतना नहीं खला होगा। मगर इसके बाद मिडिल ऑर्डर जिस तरह से बिखरा, उसने हेड कोच अमोल मजूमदार की टेंशन बढ़ा दी होगी।

 

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मिडिल ऑर्डर ने फिर किया निराश

भारतीय टीम हाल ही में इंग्लैंड में हुए टी20 वर्ल्ड कप में मिडिल ऑर्डर की नाकामी के चलते सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई थी। नंबर-3 पर लगातार प्रयोग किया गया। जेमिमाह रॉड्रिग्स शुरुआती मैचों में फर्स्ट डाउन आईं लेकिन उन्हें नीचे धकेल यास्तिका भाटिया को इस पोजिशन पर मौका दिया गया। आखिरी लीग मैच में फिर से जेमिमाह को नंबर-3 पर खिलाया गया। बैटिंग ऑर्डर में इस उठा-पटक से टीम को कोई फायदा नहीं हुआ।

 

एशिया कप में जेमिमाह हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते नहीं खेल रही हैं। उनकी जगह प्रतिका को मौका मिला है। प्रतिका ने नंबर-3 पर आकर ठोस पारी खेली। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर (9 गेंद में 5 रन) और भारती फुलमाली (14 गेंद में 13 रन) कुछ खास नहीं कर सकीं। विकेटकीपर बल्लेबाज और टीम की भरोसेमंद फिनिशर ऋचा घोष खाता खोले बगैर आउट हो गईं। 

 

देखते ही देखते भारतीय टीम का स्कोर 108/2 से 137/9 हो गया। वो तो भला हो क्रांति गौड़ (8 गेंद में नाबाद 15 रन) और श्री चरणी (8 गेंद में नाबाद 6 रन) का जिन्होंने आखिरी विकेट के लिए 14 गेंद में 22 रन की साझेदारी की, जिससे भारत ने 150 का आंकड़ा पार किया, नहीं तो थाईलैंड के पास भी मौका बन सकता था।

 

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फिनिशिंग में ऋचा अकेली पड़ जा रहीं

भारतीय टीम फिनिशिंग के लिए ऋचा पर काफी हद तक निर्भर है। बड़े शॉट लगाने के लिए मशहूर ऋचा ने पिछले 5 सालों में नंबर 5 और नंबर 7 के बीच बैटिंग करते हुए 32 छक्के उड़ाए हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर दीप्ति शर्मा हैं, जिन्होंने सिर्फ 5 छक्के लगाए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय टीम मजबूत फिनिश के लिए ऋचा पर किस हद तक निर्भर है। यही कारण है कि जिस मैच में ऋचा जल्दी आउट हो जाती हैं, उसमें टीम इंडिया डेथ ओवर्स में कुछ खास नहीं कर पाती।

हरमनप्रीत से आगे बढ़ने का समय यही है?

37 साल की हो चुकीं हरमनप्रीत तकरीबन 10 साल से भारतीय टी20 टीम की कमान संभाल रही हैं लेकिन उनकी अगुवाई में टीम लंबे समय से कोई भी बड़ी ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। टीम इंडिया लगातार 2 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही है। इसके अलावा टीम को 2024 एशिया कप के फाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था। 

हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम 3 या उससे ज्यादा टीमों वाले 15 टी20 टूर्नामेंट्स में से सिर्फ 3 ही जीत पाई है। इनमें से 2 एशिया कप और 1 एशियन गेम्स टाइटल हैं। हरमन की कप्तानी वाली टीम उन टी20 मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स को कभी नहीं जीत पाई है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीमें शामिल रही हैं।

 

पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को ही हरा पाई है। बतौर कप्तान हरमनप्रीत के खराब टी20I रिकॉर्ड को देखते हुए अब स्मृति मंधाना के हाथों में टीम की बागडोर सौंपे जाने की चर्चा की जा रही है। स्मृति अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को दो WPL खिताब जीता चुकी हैं। अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक को देखते हुए माना जा रहा है कि हरमनप्रीत से आगे बढ़ने का यही सही समय है।


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