भारत की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने हॉकी इंडिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। असुंता ने महिला आयोग को लेटर लिखकर हॉकी इंडिया और उससे जुड़ी संस्थाओं में यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के तरीकों की जांच का अनुरोध किया है। उन्होंने आयोग से इस चांज की इसलिए गुहार लगाई है, ताकि सुरक्षा उपायों और प्रक्रियाओं का पालन करने में हुई संस्थागत नाकामी उजागर हो सके।
असुंता ने रविवार को भेजे लेटर में झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ियों की यौन उत्पीड़न, धमकी, पद का गलत इस्तेमाल और जाति के आधार पर अपमान की शिकायतों पर भी तुरंत संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
असुंता ने महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न के आरोपी रांची स्थित एकलव्य हॉकी अकादमी के कोच सुधीर गोला के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह पर भी धमकाने के आरोप लगाते हुए खेल मंत्रालय को लेटर लिखकर तुरंत दखल देने का अनुरोध किया था। खेल मंत्रालय ने हॉकी इंडिया को इन आरोपों की जांच करके रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए हैं।
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'गंभीर शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं'
असुंता ने महिला आयोग को लिखे लेटर में कहा, 'भोलानाथ सिंह और हॉकी झारखंड के दूसरे अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए, जिसमें यह भी शामिल हो कि क्या उनके कामों, गलतियों या व्यवहार की वजह से शिकायतों को दबाया गया, शिकायत करने वालों को डराया गया या प्रभावित महिला खिलाड़ियों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे।'
लेटर में आगे लिखा है, 'जनवरी 2025 से हॉकी इंडिया और उससे जुड़ी संस्थाओं कथित यौन उत्पीड़न की पांच गंभीर शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई लिहाजा इसका संज्ञान लेकर ऐसी शिकायतों से निपटने के तरीके की जांच की जाए ताकि पता चले कि क्या लागू सुरक्षा उपायों और प्रक्रियाओं का पालन करने में कोई संस्थागत नाकामी हुई है। इसके साथ ही पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।'
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समय पर हो स्वतंत्र जांच - असुंता
असुंता ने कहा, 'जब किसी खेल संस्था में यौन उत्पीड़न के आरोप लगते हैं, तो समय पर, बिना किसी भेदभाव के और स्वतंत्र जांच नहीं होने से डर का माहौल बन सकता है और खिलाड़ी आगे आने से कतरा सकते हैं। आरोपी को बचाने या शिकायतों पर सही तरीके से विचार करने से रोकने की किसी भी कोशिश की स्वतंत्र जांच कराए जाने की जरूरत है।'
उन्होंने जरूरी सबूतों को सुरक्षित रखने और उनकी जांच का निर्देश देने का भी अनुरोध किया, जिसमें बातचीत, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, विजिटर रजिस्टर, अकादमी रिकॉर्ड, हॉकी इंडिया और हॉकी झारखंड रिकॉर्ड, कार्यकारी बोर्ड की बैठक के रिकॉर्ड शामिल हैं। आगंतुक ने महिला आयोग से महिला खिलाड़ियों और उनके लिए आवाज उठाने वालों के खिलाफ बदले की कार्रवाई या धमकी से सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत करने वाले खिलाड़ी अनुसूचित जनजाति से हैं और उन्होंने सुधीर गोला पर अपमानसूचक जातिगत टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है।