भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जल्दी रिटायर हो रहे इंडियन क्रिकेटर्स पर लगाम लगाने की तैयारी में है। हालिया समय में विदेशी लीग में खेलने के लिए कई खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल और भारतीय क्रिकेट से संन्यास लिया है, जिससे यह मामला चर्चा में आया है। ताजा उदाहरण विजय शंकर हैं। उन्होंने 35 की उम्र में ही रिटायरमेंट ले ली और जल्द ही लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध हो गए। उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साइन किया है।
विजय शंकर के बाद केएस भरत ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। टीम इंडिया के लिए 7 टेस्ट मैच खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज भरत घरेलू क्रिकेट में कब तक खेलेंगे, यह साफ नहीं है। एक के बाद एक आ रहे रिटायरमेंट के बाद अब BCCI सजग हो गया है और रिटायरमेंट पॉलिसी लाने की तैयारी में है।
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क्या पॉलिसी लाएगा BCCI?
विदेशी लीग में खेलने के लिए जल्दी संन्यास ले रहे खिलाड़ियों पर नकेल कसने के लिए गुरुवार शाम (5 जून) को एपेक्स काउंसिल मीटिंग में विस्तार से चर्चा की गई। यह मीटिंग ऑनलाइन हुई और इस मामले पर अंतिम फैसला BCCI अध्यक्ष और सचिव पर छोड़ दिया गया है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड विदेशी लीग में खेलने के बाद किसी खिलाड़ी के भारतीय क्रिकेट में शामिल होने के लिए कम से कम 5 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू करने पर विचार कर रहा है।
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इससे क्या बदलेगा?
BCCI किसी भी ऐक्टिव भारतीय खिलाड़ी को विदेशी लीग में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं देता है। अगर उन्हें खेलना है, तो पहले इंटनरेशनल और भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ता है। विजय शंकर के अलावा दिनेश कार्तिक, पीयूष चावला और आर अश्विन जैसे बड़े नाम यह रास्ता अपना चुके हैं। यह ट्रेंड बढ़ने पर BCCI की चिंतित है और 5 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड पॉलिसी लागू करने पर सोच रहा है। यह पॉलिसी लागू होने पर विदेशी लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों को BCCI ब्रॉडकास्टिंग और कोचिंग से 5 साल तक वंचित रख सकता है।