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वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में लाने में जल्दबाजी कर रहा है BCCI?

युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में शामिल किया जाने वाला है। वैभव का बेहतरीन IPL रिकॉर्ड है लेकिन क्या उन्हें अभी टीम इंडिया में चुना जाना ठीक है?

Vaibhav Sooryavanshi Team India

वैभव सूर्यवंशी, File Photo Credit: BCCI/X

भारतीय टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी की एंट्री होने वाली है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम की घोषणा शनिवार (6 जून) को होनी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को टी20 टीम का कप्तान बनाया जाएगा। वहीं वैभव पहली बार टीम इंडिया में शामिल किए जाएंगे। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सेलेक्शन कमिटी 2028 लॉज एंजेलिस ओलंपिक और ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाने जा रही है।

 

15 साल के वैभव ने हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में धमाकेदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए 15 पारियों में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए थे। उन्होंने पर्पल, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेऑफ द सीजन जैसे अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे। इस ब्लॉकबस्टर प्रदर्शन के बाद अब उनके लिए टीम इंडिया का दरवाजा खुलने जा रहा है। वह सचिन तेंदुलकर के बाद भारतीय मेंस टीम में सेलेक्ट होने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनेंगे।

 

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वैभव को लेकर जल्दबाजी कर रहा है BCCI?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अरसे से बदनाम रहा है कि वह युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका नहीं देता। घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ IPL में भी कमाल करने के बाद ही खिलाड़ी खुद को भारतीय व्हाइट बॉल टीम के करीब पाते। सरफराज खान का ही उदाहरण लेते हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में साल दर साल रनों का अंबार लगाया, तब जाकर उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली। मगर वैभव के लिए मामला अलग रहा है।

 

वैभव ने भले ही जूनियर क्रिकेट और IPL में तबाही मचाई है लेकिन घरेलू क्रिकेट में अभी उनको खुद को साबित करना बाकी है। उन्होंने अब तक 8 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें वह 17.25 की औसत से 207 रन ही बना पाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक पचासा आया है। लिस्ट-ए में उनका रिकॉर्ड कुछ बेहतर जरूर है। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 8 मैचों में 44.53 की औसत से 353 रन बटोरे हैं, जिसमें एक शतकीय पारी (190) शामिल है।

 

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वैभव के लिए सिर्फ IPL का प्रदर्शन ही काफी है?

नेशनल सेलेक्टर्स किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम में शामिल करने से पहले इंडिया-ए के साथ आजमाते रहे हैं। टी20 टीम में सेलेक्शन के लिए भी कुछ यही क्राइटेरिया रखा गया है लेकिन वैभव सिर्फ IPL के प्रदर्शन के बूते ही टीम इंडिया के दरवाजे पर खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने इसी सीजन IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने का आंद्र रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा था।

 

रसेल ने हजार IPL रन के आंकड़े को छूने के लिए 545 गेंदें ली थी। वहीं वैभव ने महज 440 गेंदों में ही इस मुकाम को हासिल कर लिया। उन्होंने पिछले सीजन 7 पारियों में 206.55 के स्ट्राइक रेट से 252 रन जड़े थे। अब इस साल तूफानी बल्लेबाजी कर उन्होंने सेलेक्टर्स को उनके नाम पर विचार करने के लिए मजबूर जरूर किया है लेकिन अभी उन्हें टीम इंडिया में शामिल करना जल्दबाजी हो सकता है।


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